गाजीपुर | जिले के अग्रणी बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित यूनियन ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान इस समय जिले के युवाओ और युतियों के लिये लॉक डाउन के बाद अब प्रशिक्षणप्रदान करके उंनको स्वावलंबी और कुशल बनाने की दिशा में एक बार पुनः अपनी भूमिका निभाने को तैयार हे जिले की अधिकतर युवा काम के तलाश के लिए अपने जनपद से आजीविका के लिए अन्य राज्यो के लिए पलायन कर रहे हैं.
इसी कड़ी में जनपद में युवाओं को जनपद में ही रोजगार के साधन उपलब्ध कराकर उंनको यही रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है, ताकि उनका पलायन रोका जा सके. जहां लॉक डाउन के दौरान आये हुवे प्रवासियों को प्रशिक्षण प्रदान करके उंनको स्वरोजगार के लिये प्रेरित करना है. जहा जहां धीरे धीरे सरकारी नौकरियों में अवसर कम होते जा रहे. अब युवाओं के लिये यही स्वरोजगार उपलब्ध कराकर उंनको आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है.
इस प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा आत्मनिर्भर बनकर अपने जिले में ही रहकर स्वरोजगार कर सकता है. इस संस्थान में प्रशिक्षुओं को उद्यमिता के साथ साथ संबंधित ट्रेड में विषय के विशेषगयों द्वारा उंनको संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षित किया जाता हे प्रशिक्षिक भारत सरकार के मानक के अनुरूप उंनको प्रतिदिन 8 घंटे प्रशिक्षण प्रदान करते हैं. ताकी अपने ट्रेड में पूरी तरह से दक्ष हो और स्वरोजगार करने लायक हो जाये.
यहां पर संस्थान के निदेशक बिनोद प्रसाद शर्मा और वरिष्ठ संकाय प्रमुख सुशान्त श्रीवास्तव द्वारा बिजनेस करने के तरीके और विभिन्न गेमो के द्वारा उंनको व्यापार के तौर तरीको के बारे में भी बताया जाता है. उंनको किसी भी व्यापार को शुरू करने के लिये किन किन चीज़ों की आवश्यकता होती है, इसके बारे में बताया जाता है. बैंकिंग से लेकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवाया जाता है ताकी अपने व्यापार को शुरू करने में कोई दिक्कत नही हो।
संस्थान में निःशुल्क प्रशिक्षण सामग्री निःशुल्क आवासीय व्यवस्था प्रदान की जाती है. निःशुल्क भोजन प्रदान किया जाता है, प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण तरीके से प्रदान किया जाता है. प्रशिक्षण समाप्त होने पर ग्रामीण विकास मंत्रालय के परीक्षको के द्वारा आकर उनका मूल्यांकन किया जाता है. प्रशिक्षण संस्थान से प्राप्त सर्टिफिकेट के आधार पर ऋण लेकर अपना कोई छोटा व्यापार भी शुरू कर सकते हैं।
इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम को यूनियन बैंक सोशल फाउंडेशन मुंबई और क्षेत्र प्रमुख रंजीत सिंह द्वारा पर्यवेक्षण किया जाता है। प्रशिक्षण उपरांत 2 वर्ष तक प्रशिक्षण लेने वालों का अनुवर्तन किया जाता है कि प्रशिक्षण प्राप्ति के पश्चात कुछ कर रहे कि नही अगर किसी प्रकार की कोई समस्या आती हैं तो संस्थान के अधिकारियों द्वारा इसका निराकरण किया जाता है.
सस्थान द्वारा लॉक डाउन और अन लॉक डाउन के समय 4 महीनों में 35000 मास्क का वितरण जिला प्रसाशन जिलाधिकारी ओम प्रकाश आर्य, मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता, जॉइंट मजिस्ट्रेट और उप जिलाधिकारी सदर प्रभाष कुमार (आईएएस) का अमूल्य सहयोग मिला जिनके द्वारा अन्य संस्थाएं भी अपना सहयोग दी. संस्थान में सेल फोन, इलेक्ट्रिक मोटर, कंप्यूटर, टैली, ऐसी फ्रीज़ मरम्मत, चार पहिया चालन, महिलाओं के लिये सिलाई कटाई ब्यूटी पार्लर जैसे अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण निःशुल्क प्रदान किया जाता है. आज ये संस्थान विगत 10 वर्षो से जनपद के लिये मिल का पत्थर प्राप्त हो रहा है।