रिपोर्टर: अमित कुमार
बलिया (Ballia) जनपद के बांसडीह (Bansdih) क्षेत्र अंतर्गत मैरीटार (Meritar) में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई (Atal Bihari Vajpayee) की जन्म जयंती के अवसर पर सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बांसडीह विधानसभा से भाजपा विधायक केतकी सिंह (Ketki Singh) ने अपने निजी आवास पर हजारों जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। कड़ाके की ठंड के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाई गई।
कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान विधायक केतकी सिंह ने अटल बिहारी वाजपेई के व्यक्तित्व और विचारों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र सेवा, जनकल्याण और भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर आधारित रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा ही अटल जी को सच्ची श्रद्धांजलि है और इसी भावना के साथ यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कंबल वितरण से जरूरतमंदों को राहत:
कार्यक्रम के दौरान ठंड से जूझ रहे गरीब, असहाय और बुजुर्ग लोगों को कंबल वितरित किए गए। विधायक ने कहा कि सर्दी के मौसम में जरूरतमंदों की सहायता करना सामाजिक दायित्व है। कंबल पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर राहत और संतोष देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे मानवीय कदम बताया।
मनरेगा नाम को लेकर दिया बयान:
मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक केतकी सिंह ने मनरेगा योजना के नाम को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के अंतिम शब्द “हे राम” थे और वे भगवान राम के उपासक थे। इसी कारण मनरेगा का नाम “जी राम जी” रखा जाना महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि है। उनका कहना था कि भगवान राम के साथ महात्मा गांधी के नाम को जोड़कर यह नाम रखा गया है, जो भारतीय परंपरा और आस्था से जुड़ा हुआ है।
कांग्रेस पर की टिप्पणी:
विधायक ने कहा कि कांग्रेस आंदोलन की बात इसलिए कर रही है क्योंकि वह अपना नाम और पहचान जीवित रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नाम में गांधी उपनाम जुड़ा हुआ है, इसी वजह से वह इस मुद्दे को लेकर आंदोलन की बात कर रही है। विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
बांग्लादेश मुद्दे पर कड़ा रुख:
विधायक केतकी सिंह ने बांग्लादेश (Bangladesh) में हो रही घटनाओं को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की हत्या की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और इस पर कड़ा संदेश देने की आवश्यकता है। उन्होंने मांग की कि आईपीएल (IPL) क्रिकेट में बांग्लादेश टीम का भी बहिष्कार किया जाना चाहिए, जैसा पाकिस्तान (Pakistan) के साथ किया गया था।
आईपीएल बहिष्कार की मांग:
मीडिया से बातचीत में विधायक ने कहा कि खेल केवल खेल नहीं होता, बल्कि उसका सीधा संबंध देश की भावनाओं से भी होता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पाकिस्तान के साथ सख्त कदम उठाया गया था, उसी तरह बांग्लादेश को भी कड़ा संदेश देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश की भावना स्वर्गीय दीपू दास (Deepu Das) के साथ जुड़ी हुई है और ऐसे मामलों में मौन रहना उचित नहीं है।
कार्यक्रम में दिखा राजनीतिक और सामाजिक संदेश:
अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल कंबल वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए सामाजिक और राजनीतिक संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों और समर्थकों ने विधायक के विचारों का समर्थन किया, वहीं कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा भी बताया।
स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय:
मैरीटार और आसपास के इलाकों में यह कार्यक्रम और दिए गए बयान चर्चा का विषय बने हुए हैं। लोग जहां एक ओर कंबल वितरण जैसे सामाजिक कार्य की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मनरेगा के नाम और आईपीएल बहिष्कार जैसे बयानों पर भी अलग-अलग राय सामने आ रही है।
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