उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने और उनकी समस्याओं के समाधान को आसान बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के निर्देश पर अब प्रदेश में लगाए गए सभी प्रीपेड स्मार्ट मीटर पोस्टपेड व्यवस्था की तरह काम करेंगे। इस बदलाव के बाद उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली का बिल मिलेगा और भुगतान के लिए निश्चित समय सीमा भी तय की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा मिल सकेगी।
प्रीपेड से पोस्टपेड व्यवस्था में बड़ा बदलाव:
राज्य सरकार के इस फैसले के तहत अब तक प्रीपेड सिस्टम पर चल रहे स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड व्यवस्था में परिवर्तित किया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह रिचार्ज कराने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि महीने भर की खपत के आधार पर बिल तैयार किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से बिलिंग प्रक्रिया अधिक सरल और स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।
ऊर्जा मंत्री ने दी फैसले की जानकारी:
ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ए.के. शर्मा (A.K. Sharma) ने शक्ति भवन (Shakti Bhawan) में आयोजित बैठक के बाद इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई बिलिंग प्रणाली पूरी तरह पोस्टपेड मॉडल पर आधारित होगी। हर महीने की पहली तारीख से लेकर अंतिम तारीख तक की बिजली खपत का हिसाब लगाकर बिल तैयार किया जाएगा और इसे उपभोक्ताओं तक एसएमएस और व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजा जाएगा।
बिल भुगतान के लिए मिलेगा पर्याप्त समय:
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिल उपलब्ध करा दिया जाएगा। बिल जारी होने के बाद उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को अचानक बिजली कटने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है और वे आराम से निर्धारित समय के भीतर भुगतान कर सकेंगे।
डिजिटल माध्यम से भी बिल की सुविधा:
यदि किसी कारणवश उपभोक्ताओं को समय पर बिल प्राप्त नहीं होता है, तो वे व्हाट्सऐप चैटबॉट के जरिए अपना कनेक्शन नंबर साझा कर बिल और बकाया राशि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा 1912 पोर्टल (1912 Portal) के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कर बिल हासिल करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
बकाया भुगतान में भी राहत का प्रावधान:
सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए यह भी निर्णय लिया है कि 30 अप्रैल तक का बकाया, जो मई के बिल से पहले का है, उसे अब 10 आसान किस्तों में चुकाया जा सकेगा। इससे उन उपभोक्ताओं को विशेष राहत मिलेगी, जिन पर पुराने बिलों का भार अधिक था। साथ ही, जिन स्थानों पर पहले पोस्टपेड मीटर थे और बाद में प्रीपेड मीटर लगाए गए थे, वहां सिक्योरिटी राशि को एकमुश्त लेने के बजाय चार किस्तों में लिया जाएगा।
शिकायत निवारण के लिए विशेष कैंप:
स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए मई और जून में मंडल और उपमंडल स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा उपभोक्ता पहले की तरह 1912 पोर्टल (1912 Portal) के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि हर शिकायत का समय पर और प्रभावी समाधान किया जाए।
निर्बाध बिजली आपूर्ति पर सरकार का जोर:
बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्षेत्रों में तय रोस्टर के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई ट्रांसफॉर्मर खराब होता है तो उसे तुरंत बदलने की व्यवस्था की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, जिससे बिलिंग व्यवस्था अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता अनुकूल बनने की उम्मीद है।
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