CJI की ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और CBI को नोटिस, बयान को तोड़ने-मरोड़ने का आरोप
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत की ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत के समक्ष यह सवाल उठाया गया है कि क्या चीफ जस्टिस की टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर प्रसारित किया गया और क्या इसका इस्तेमाल एक व्यक्ति ने राजनीतिक गतिविधियों का रास्ता बनाने के लिए किया। इसी मामले से जुड़ी जनहित याचिका में टिप्पणी के कथित हेरफेर और उसके व्यावसायिक इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं।
15 मई की सुनवाई से जुड़ा है मामला:
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका के अनुसार, 15 मई 2026 को CJI सूर्यकांत की पीठ ‘संजय दुबे बनाम रजिस्ट्रार जनरल दिल्ली हाईकोर्ट’ मामले की सुनवाई कर रही थी। इस दौरान अदालत में न्यायिक प्रक्रिया के कथित दुरुपयोग और वकालत के गिरते स्तर को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। इसी दौरान कथित तौर पर फर्जी वकीलों के संदर्भ में ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया गया।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि अदालत की ऑनलाइन कार्यवाही के वीडियो को बाद में संपादित किया गया और टिप्पणी को ऐसे संदर्भ में प्रसारित किया गया, जिससे उसका अर्थ बदल गया। इसी कथित रूप से संपादित सामग्री के आधार पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
संपादित वीडियो वायरल करने का आरोप:
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि 15 मई की सुनवाई के बाद ‘कॉकरोच’ टिप्पणी से संबंधित संपादित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित किए गए। याचिका के अनुसार, टिप्पणी के मूल संदर्भ से अलग हिस्से को लेकर मीम्स तैयार किए गए और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि इस सामग्री के जरिए न्यायाधीशों की छवि प्रभावित करने और न्यायपालिका के प्रति लोगों के भरोसे को कमजोर करने का प्रयास किया गया। याचिका में इस तरह की सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत का भी उल्लेख किया गया है।
याचिका में कॉकरोच जनता पार्टी का जिक्र:
याचिका में आरोप लगाया गया है कि टिप्पणी को लेकर सामने आई सामग्री का राजनीतिक गतिविधियों के लिए भी इस्तेमाल किया गया। इसी क्रम में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) बनाए जाने और नीट पेपर लीक के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चलाए जाने का उल्लेख किया गया है।
याचिका में दावा किया गया है कि कथित रूप से संपादित वीडियो और टिप्पणी के बदले हुए संदर्भ का फायदा उठाकर राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
वकील राजा चौधरी ने दाखिल की जनहित याचिका:
यह जनहित याचिका वकील राजा चौधरी की ओर से दाखिल की गई है। उन्होंने CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष अपनी दलीलें रखीं। करीब 30 मिनट तक चली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से 15 मई की टिप्पणी और उसके बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री का मुद्दा उठाया गया।
याचिका में कहा गया है कि अदालत में कही गई बात को उसके मूल संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत करना न्यायपालिका की गरिमा को प्रभावित कर सकता है। इसी आधार पर संबंधित गतिविधियों की जांच की मांग की गई है।
याचिका में कार्रवाई और जांच की मांग:
याचिका में उन व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है, जिन पर वीडियो को संपादित करने, उसे प्रसारित करने और उससे कथित तौर पर आर्थिक लाभ लेने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की गतिविधियों की जांच करने की मांग भी की गई है।
याचिका में ‘कॉकरोच’ शब्द के कथित ट्रेडमार्क इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई की मांग रखी गई है। अब इस मामले में केंद्र सरकार और CBI से जवाब मांगा गया है। मामले में आगे की स्थिति अदालत के समक्ष रखे जाने वाले जवाब और न्यायिक कार्यवाही से स्पष्ट होगी।
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