सपा के 46 उम्मीदवार लगभग तय, लिस्ट देखिए:पूर्वांचल के चेहरे सबसे ज्यादा; 5 हजार वोट से हारी सीटों पर कैंडिडेट रिपीट होंगे

Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) ने वर्ष 2027 के Uttar Pradesh Assembly Election (उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव) की तैयारियों को गति देते हुए 46 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम लगभग तय कर लिए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन सीटों में सबसे अधिक 19 सीटें पूर्वांचल क्षेत्र की हैं, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 13 और मध्य उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर संभावित प्रत्याशियों का चयन लगभग पूरा हो चुका है। आधिकारिक उम्मीदवारों की सूची सितंबर तक जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

46 सीटों पर उम्मीदवारों की तैयारी लगभग पूरी:

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) संगठन स्तर पर लगातार समीक्षा कर रही है और संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता का मूल्यांकन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पहले चरण में जिन 46 सीटों पर उम्मीदवार लगभग तय किए गए हैं, उनमें पूर्वांचल की 19, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 13 और मध्य उत्तर प्रदेश की 14 सीटें शामिल हैं। पार्टी इन नामों की औपचारिक घोषणा सीटों के अंतिम समीकरण बनने के बाद करेगी।

करीबी मुकाबले वाली सीटों पर पुराने चेहरों पर भरोसा:

सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जिन 27 सीटों पर Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) पांच हजार से कम मतों के अंतर से चुनाव हार गई थी, उन सीटों पर पार्टी एक बार फिर पुराने प्रत्याशियों को मौका दे सकती है। पार्टी का मानना है कि इन सीटों पर मामूली अंतर से हार मिली थी और वर्ष 2027 के चुनाव में जीत की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। इसी कारण उन क्षेत्रों में पहले चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों को फिर से मैदान में उतारने पर विचार किया जा रहा है।

पीडीए फॉर्मूले पर कायम, नए सामाजिक समीकरणों पर जोर:

पार्टी इस बार भी अपने PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को चुनावी रणनीति का आधार बनाए हुए है। हालांकि, उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मुस्लिम और यादव समुदाय के उम्मीदवारों की संख्या पहले की तुलना में कम रखी जा सकती है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग और दलित समाज के चेहरों को अधिक अवसर देने की तैयारी है।

इसके साथ ही पार्टी यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि लंबे समय से जुड़े सवर्ण नेताओं के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो। इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है।

सामान्य सीटों पर भी दलित उम्मीदवारों की तैयारी:

सूत्रों के मुताबिक, अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 84 विधानसभा सीटों के अलावा 20 से 25 सामान्य सीटों पर भी दलित उम्मीदवार उतारने की तैयारी की जा रही है। इसे पार्टी की सामाजिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। उम्मीदवारों के चयन में केवल जातीय समीकरण ही नहीं बल्कि स्थानीय स्वीकार्यता और संगठनात्मक सक्रियता को भी महत्व दिया जा रहा है।

बूथ स्तर की सक्रियता बनी सबसे बड़ा पैमाना:

Akhilesh Yadav (अखिलेश यादव) उम्मीदवारों के चयन में केवल सामाजिक समीकरणों पर निर्भर नहीं हैं। पार्टी जिला संगठनों से लगातार फीडबैक ले रही है और स्वयं जिला पदाधिकारियों तथा टिकट के दावेदारों के साथ बैठकें कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन में यह देखा जा रहा है कि संबंधित दावेदार ने बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए कितना कार्य किया है। इसके अलावा SIR के दौरान उसकी सक्रियता, स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क, सार्वजनिक छवि, सर्वे रिपोर्ट और बूथ प्रबंधन की क्षमता का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। पार्टी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि केवल सिफारिश के आधार पर किसी को टिकट नहीं मिलेगा और वही उम्मीदवार चुना जाएगा जो निर्धारित मानकों पर खरा उतरेगा।

टिकट वितरण को लेकर अनुशासन पर जोर:

पार्टी नेतृत्व ने जिला इकाइयों और संभावित उम्मीदवारों को स्पष्ट संदेश दिया है कि जिसे भी पार्टी टिकट देगी, सभी को उसका समर्थन करना होगा। टिकट वितरण के बाद किसी प्रकार की बगावत या अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। संगठन चाहता है कि सभी नेता और कार्यकर्ता पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में एकजुट होकर चुनाव लड़ें।

कांग्रेस से सीट बंटवारे पर अंतिम निर्णय का इंतजार:

Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) पहले से ही यह कहती रही है कि वह Congress (कांग्रेस) के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती है। हालांकि, दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है।

जानकारी के अनुसार, Congress (कांग्रेस) की ओर से 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग सामने आई है, जबकि Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) 60 से अधिक सीटें देने के पक्ष में नहीं बताई जा रही है। Akhilesh Yadav (अखिलेश यादव) भी स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस जिन सीटों की मांग कर रही है, उन पर जीत की संभावनाओं का आधार प्रस्तुत करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सीटों पर सहमति बनने के बाद सितंबर में उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी किए जाने की संभावना है।

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