आयकर रिटर्न होगा और आसान: दिसंबर तक अधिसूचित होंगे नए नियम
नई दिल्ली। आयकर विभाग रिटर्न फॉर्म को और सरल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि दिसंबर 2025 के अंत तक नए नियमों को अधिसूचित कर दिया जाए, ताकि नया आयकर अधिनियम प्रभावी बनाया जा सके। यह नया अधिनियम देशभर में अगले साल 1 अप्रैल से लागू होगा। इसके बाद करदाताओं को पुराने आयकर अधिनियम, 1961 के बजाय नए प्रावधानों के तहत रिटर्न दाखिल करना होगा।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के सदस्य आर्यन परवर्त ने बताया कि विभाग करदाताओं की सुविधा के लिए नए कानून के तहत पूछे जाने वाले प्रश्नों का नया सेट जारी करेगा। साथ ही, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और मार्गदर्शन नोट भी उपलब्ध कराएगा। इससे आम करदाताओं को नए प्रावधानों को समझने और उनका पालन करने में आसानी होगी।
सीबीडीटी का कहना है कि नए नियम लागू करने से पहले अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। अधिकारियों को करदाताओं की समस्याओं के समाधान और नए प्रावधानों की व्याख्या के लिए सक्षम बनाया जा रहा है। इससे सुनिश्चित होगा कि नया कानून सहजता से लागू हो सके और करदाताओं को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों से टैक्स रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया पहले से काफी आसान और पारदर्शी हो जाएगी। कर प्रणाली को सरल बनाने से न केवल करदाताओं का बोझ कम होगा, बल्कि सरकार के लिए कर अनुपालन भी बढ़ेगा।
आयकर अधिनियम-2025 के मसौदे को इसी साल 21 अगस्त को मंजूरी दी गई थी। अब सीबीडीटी करदाताओं और अधिकारियों दोनों को नए प्रावधानों से परिचित कराने की प्रक्रिया में जुटा है। विभाग का कहना है कि इस बार अधिनियम की भाषा भी सरल और समझने योग्य होगी, ताकि अधिक से अधिक लोग आसानी से इसे समझ सकें और पालन कर सकें।