Video:जानिए कौन हैं कृष्ण मोहन, जिन्हें मिली राम मंदिर ट्रस्ट की बड़ी जिम्मेदारी

Ayodhya (अयोध्या) स्थित Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust (श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट) की सोमवार को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारियों और व्यवस्थाओं में बदलाव को मंजूरी दी गई। ट्रस्ट ने Champat Rai (चंपत राय) और Anil Mishra (अनिल मिश्रा) के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। साथ ही Hardoi (हरदोई) निवासी एवं ट्रस्टी Krishna Mohan (कृष्ण मोहन) को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। उल्लेखनीय है कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में तहरीर भी कृष्ण मोहन ने ही दी थी।

नए महासचिव कृष्ण मोहन का प्रशासनिक अनुभव:

Krishna Mohan (कृष्ण मोहन) मूल रूप से Hardoi (हरदोई) जिले के Shahabad (शाहाबाद) क्षेत्र के Sikandarpur Bazar (सिकंदरपुर बाजार) के निवासी हैं। उनका जन्म सितंबर 1952 में Bareilly (बरेली) में हुआ था। उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे। उन्होंने Lucknow University (लखनऊ विश्वविद्यालय) से एमएससी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद लगभग पांच वर्ष तक Atomic Energy Department (एटॉमिक एनर्जी विभाग) में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। बाद में उनका चयन Indian Forest Service (भारतीय वन सेवा) में हुआ और उन्हें Maharashtra Cadre (महाराष्ट्र कैडर) मिला। वर्ष 2012 में वे अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक और जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे।

पारदर्शिता और विश्वास बहाल करना होगी प्राथमिकता:

महासचिव नियुक्त किए जाने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि प्रबंधन और संचालन में जहां कहीं भी कमियां रह गई थीं, उन्हें दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था में कहीं भी खामियां या लूपहोल हैं तो उन्हें समाप्त करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं के कारण ट्रस्ट की छवि प्रभावित हुई है और सभी न्यासी मिलकर इस विश्वास को दोबारा मजबूत करने का प्रयास करेंगे। उनका कहना था कि राम जन्मभूमि में दर्शनार्थियों द्वारा किए जाने वाले दान और अन्य व्यवस्थाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाएगा, ताकि ट्रस्ट के प्रति पैदा हुए अविश्वास को दूर किया जा सके।

मीडिया से की तथ्यात्मक खबर प्रकाशित करने की अपील:

कृष्ण मोहन ने मीडिया से भी अपील करते हुए कहा कि ट्रस्ट से संबंधित समाचार प्रकाशित करने से पहले अधिकृत पदाधिकारियों से जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि केवल सत्य और प्रमाणित तथ्यों को ही प्रकाशित किया जाना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो और ट्रस्ट की पारदर्शी कार्यप्रणाली लोगों तक सही रूप में पहुंच सके।

व्यवस्थाओं में सुधार के लिए बनेगी समिति:

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटिरहित बनाने के लिए एक छोटी समिति गठित की जाएगी। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित होगी, जिसमें SIT (एसआईटी) की जांच रिपोर्ट की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा नए न्यासियों की नियुक्ति सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई:

बैठक के दौरान ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि कथित चोरी के मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ट्रस्ट का कहना है कि SIT (एसआईटी) निष्पक्ष जांच कर रही है और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इसके साथ ही ट्रस्ट ने यह भी कहा कि कुछ असामाजिक तत्व इस घटना की आड़ में राम मंदिर और रामभक्तों की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। ट्रस्ट ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक प्रचार से सतर्क रहें और केवल आधिकारिक एवं प्रमाणित जानकारी पर ही विश्वास करें।

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