विकास योजनाओं के नाम पर उपजाऊ भूमि अधिग्रहण का विरोध, किसानों ने संपूर्ण समाधान दिवस में लगाई गुहार

Varanasi (वाराणसी) के Raja Talab (राजातालाब) तहसील क्षेत्र में विकास परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है। Kardhana (करधना) से Barki (बरकी) तक के किसानों ने सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि विकास योजनाओं के नाम पर उनकी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से कृषि भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

उपजाऊ जमीन को बताया जीवन का आधार:

संपूर्ण समाधान दिवस के प्रभारी को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने कहा कि उनके लिए जमीन केवल मिट्टी का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि जीवनयापन का सबसे बड़ा आधार है। खेती ही उनके परिवारों की आजीविका का एकमात्र साधन है। यदि उनकी उपजाऊ कृषि भूमि अधिग्रहित कर ली जाती है, तो हजारों किसान परिवारों के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो जाएगा।

किसानों का कहना है कि भूमि छिनने की स्थिति में न केवल उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका व्यापक असर पड़ेगा। ऐसे में विकास योजनाओं के साथ किसानों के हितों का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है।

किसानों ने उठाए अहम सवाल:

ज्ञापन में किसानों ने कहा कि यदि देश का अन्नदाता ही अपनी कृषि भूमि से वंचित हो जाएगा, तो भविष्य में खाद्यान्न उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है और कृषि भूमि का बड़े पैमाने पर अधिग्रहण किसानों के साथ-साथ कृषि व्यवस्था पर भी असर डाल सकता है।

किसानों ने प्रशासन से अपील की कि विकास कार्यों के साथ किसानों के हितों का संतुलन बनाए रखा जाए और ऐसा निर्णय लिया जाए जिससे उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके।

अधिग्रहण प्रक्रिया रोकने की मांग:

ज्ञापन देने वालों में Subedar Yadav (सुबेदार यादव), Hubalal Yadav (हुबलाल यादव), Ramesh Kumar Patel (रमेश कुमार पटेल) सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे। सभी ने प्रशासन से मांग की कि Kardhana (करधना) से Barki (बरकी) तक प्रस्तावित कृषि भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए।

किसानों ने कहा कि प्रशासन उनकी समस्याओं और परिस्थितियों को गंभीरता से समझते हुए न्यायोचित निर्णय ले, ताकि खेती पर निर्भर परिवारों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा:

किसानों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उनकी बात नहीं सुनी गई तो खेती-किसानी और ग्रामीण जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि विकास कार्यों और किसानों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे किसी भी किसान की आजीविका प्रभावित न हो।

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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल

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