राममंदिर चोरी: 8 आरोपियों को न्यायिक हिरासत, पुलिस और अयोध्या के वकीलों ने ये क्या किया?…

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अयोध्या (Ayodhya) स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले की जांच के दौरान पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय (Champat Rai), अनिल मिश्रा (Anil Mishra) और गोपाल राव (Gopal Rao) से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए। पूछताछ के बाद चंपत राय के दिल्ली (Delhi) जाने की जानकारी सामने आई। इसी बीच यह मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) भी पहुंच गया है, जबकि स्थानीय अधिवक्ताओं ने भी आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार:

चढ़ावा चोरी मामले की CBI जांच की मांग को लेकर अधिवक्ता अनूप अवस्थी (Anoop Awasthi) की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में तत्काल सुनवाई की मांग की गई। हालांकि अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए पूछा कि इतनी जल्दबाजी किस बात की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अवकाश समाप्त होने के बाद ही मामले पर सुनवाई की जाएगी।

अयोध्या के वकीलों का बड़ा फैसला:

मामले को लेकर फैजाबाद एडवोकेट्स एसोसिएशन (Faizabad Advocates Association) और अयोध्या बार एसोसिएशन (Ayodhya Bar Association) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि चढ़ावा चोरी प्रकरण में किसी भी आरोपी की पैरवी कोई अधिवक्ता नहीं करेगा। साथ ही चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा से अयोध्या छोड़ने की मांग भी की गई। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा (Kalika Prasad Mishra) ने कहा कि यदि कोई अधिवक्ता आरोपियों की ओर से मुकदमा लड़ता है तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि तीनों पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए धारा 173 सीआरपीसी के तहत न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा तथा मामले की CBI जांच की मांग भी की जाएगी।

SIT जांच के बाद हुई कार्रवाई:

चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT का गठन किया। जांच रिपोर्ट 23 जून को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद (Sanjay Prasad) को सौंपी गई। इसके बाद 25 जून को ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन (Krishna Mohan) की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई, जिसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित आठ लोगों को नामजद किया गया। हालांकि प्राथमिकी में चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे पूर्व पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं किए गए।

एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर ही पुलिस ने सभी आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 26 जून को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सभी आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसी दिन चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने-अपने इस्तीफे सौंप दिए। बाद में ट्रस्ट ने कहा कि इन इस्तीफों पर 11 जुलाई को प्रस्तावित बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

छापेमारी में मिले दस्तावेज और डायरी:

28 जून को पुलिस की आठ टीमों ने एक साथ आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। चंपत राय के करीबी बताए जा रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर से निवेश और खरीद से जुड़े दस्तावेज, नकदी तथा आभूषण बरामद किए गए। वहीं आरोपी अनुकल्प मिश्रा (Anukalp Mishra) के घर से एक डायरी मिली, जिसे जांच एजेंसियां महत्वपूर्ण सुराग के रूप में देख रही हैं।

विपक्ष ने सरकार और ट्रस्ट पर साधा निशाना:

प्रयागराज (Prayagraj) में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा कि इस मामले में कानून से अधिक ईमानदारी और साफ नीयत की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि चढ़ावा वापस रख दिया जाए तो प्रभु श्रीराम क्षमा कर देंगे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) माफी मांगने को तैयार नहीं है।

समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडे (Pawan Pandey) ने भी ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मामले में तत्काल बैठक बुलाकर जवाबदेही तय की जानी चाहिए थी। उन्होंने कोषाध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।

उधर, सहारनपुर (Saharanpur) में सांसद चंद्रशेखर (Chandrashekhar) ने आरोप लगाया कि श्रीराम के नाम पर लूट हुई है और बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल करेगा अयोध्या दौरा:

कांग्रेस (Congress) ने भी इस मामले को लेकर सक्रियता दिखाई है। पार्टी का नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को अयोध्या पहुंचेगा। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai), अमेठी (Amethi) सांसद किशोरी लाल शर्मा (Kishori Lal Sharma), सीतापुर (Sitapur) सांसद राकेश राठौर (Rakesh Rathore), प्रयागराज सांसद उज्ज्वल रमण सिंह (Ujjwal Raman Singh) तथा बाराबंकी (Barabanki) सांसद तनुज पुनिया (Tanuj Punia) सहित अन्य नेता शामिल रहेंगे।

SBI के दो कर्मचारियों को नोटिस:

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने SBI (State Bank of India) के दो कर्मचारियों को भी नोटिस जारी किया है। दोनों कर्मचारी मंदिर में चढ़ावे के नोटों की गिनती की प्रक्रिया में शामिल रहे थे। SIT जांच में बैंक के आधा दर्जन कर्मचारियों को भी संदिग्ध माना गया था, जिसके बाद उनसे संबंधित पहलुओं की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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