लखनऊ के होटल में मिला युवा वैज्ञानिक का शव, ड्रोन इनोवेशन से जुड़े थे राहुल सिंह, अब तक क्या-क्या पता?

लखनऊ (Lucknow) के विभूतिखंड (Vibhuti Khand) थाना क्षेत्र स्थित नोवोटेल (Novotel) होटल में 22 वर्षीय ड्रोन साइंटिस्ट राहुल सिंह (Rahul Singh) की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस मामले में अब परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। बुधवार को पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे राहुल के छोटे भाई रोहित सिंह (Rohit Singh) अपने भाई को याद कर फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मामले में न्याय दिलाने की अपील की। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप और जांच की मांग:
राहुल सिंह के छोटे भाई रोहित सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें नोएडा (Noida) के चंद्रभूषण मिश्रा (Chandrabhushan Mishra) पर संदेह है। उनका कहना है कि दोनों के बीच ड्रोन से जुड़े 85 लाख रुपये के एक प्रोजेक्ट को लेकर विवाद चल रहा था। परिवार के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में 62 लाख रुपये पहले ही मिल चुके थे। बाद में प्रोजेक्ट वापस लेने के साथ ही रकम लौटाने की मांग की गई और इसके लिए नोटिस भी भेजा गया। रोहित का आरोप है कि इस विवाद के दौरान उनके भाई को बार-बार जान से मारने की धमकियां भी दी गई थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मामले में न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और पुलिस जांच जारी है।

होटल के कमरे में मिला था शव:
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 11 बजे होटल के कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर होटल कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया तो राहुल सिंह का शव बेड पर मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

बताया गया कि शव के नीचे और आसपास उल्टी के निशान मिले थे। शुरुआती स्तर पर फूड पॉइजनिंग अथवा हार्ट अटैक जैसी आशंकाएं व्यक्त की गई हैं, हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

जन्मदिन के अगले दिन हुई मौत, परिवार सदमे में:
राहुल सिंह मूल रूप से महराजगंज (Maharajganj) जिले के रहने वाले थे। उनका जन्मदिन 12 जुलाई को था और उसके अगले ही दिन उनकी मौत की खबर परिवार तक पहुंची। बेटे की असमय मृत्यु से परिवार गहरे सदमे में है। उनकी मां बार-बार बेहोश हो रही हैं, जबकि पूरे परिवार में शोक का माहौल है।

राहुल के पिता संजय सिंह (Sanjay Singh) खेती-किसानी करते हैं। परिवार सिसवा नगरपालिका (Siswa Nagar Palika) के इंदिरा नगर वार्ड में रहता है। उनकी मां गृहिणी हैं। छोटे भाई रोहित सिंह एयरपोर्ट पर निजी नौकरी करते हैं, जबकि बहन नीशू सिंह (Nishu Singh) का विवाह हो चुका है।

आखिरी बार भाई से हुई थी पांच मिनट की बातचीत:
रोहित सिंह ने बताया कि 13 जुलाई की सुबह उनकी राहुल से लगभग पांच मिनट तक बातचीत हुई थी। इस दौरान सामान्य हालचाल पूछा गया था। इसके बाद अगले दिन दोपहर करीब 12:30 बजे उन्हें राहुल की मौत की सूचना मिली, जिससे पूरा परिवार स्तब्ध रह गया।

वहीं नीशू सिंह के ससुर रामवृक्ष सिंह (Ramvriksh Singh) ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि मंगलवार तड़के करीब चार बजे राहुल ने होटल के कमरे में पानी मंगवाया था। उसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। राहुल के ताऊ लाल बहादुर सिंह (Lal Bahadur Singh) ने बताया कि राहुल बेहद सरल स्वभाव के थे और परिवार का पूरा ध्यान रखते थे। उनके निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

कम उम्र में हासिल की कई वैज्ञानिक उपलब्धियां:
महराजगंज जिले के सिसवा बाजार (Siswa Bazar) स्थित बीजापार आसमान छपरा गांव के रहने वाले राहुल सिंह कम उम्र में अपनी वैज्ञानिक सोच और नवाचार के लिए पहचान बना चुके थे। छह वर्ष पहले गोरखपुर (Gorakhpur) के एबीसी पब्लिक स्कूल दिव्यनगर (ABC Public School Divyanagar) में 12वीं की पढ़ाई के दौरान उन्होंने बैटरी से चलने वाला ट्रैक्टर तैयार किया था।

इसके बाद वह मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Madan Mohan Malaviya University of Technology) के डिजाइन इनोवेटर एंड इंक्यूबेशन सेंटर (Design Innovator and Incubation Center) से जुड़े, जहां वे पढ़ाई के साथ-साथ शोध कार्य भी कर रहे थे।

लगातार तीन वर्षों तक मिला पहला स्थान:
राहुल सिंह ने मात्र 13 वर्ष की उम्र से लगातार तीन वर्षों तक इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (India International Science Festival) में पहला स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2018 में उन्होंने रोटी मेकर बनाया। वर्ष 2019 में बैटरी से चलने वाली पर्यावरण अनुकूल साइकिल तैयार की। इसके बाद वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान आयोजित ऑनलाइन साइंस फेस्टिवल में उन्होंने बैटरी से चलने वाला इको-फ्रेंडली ट्रैक्टर विकसित किया, जिसने उन्हें विशेष पहचान दिलाई।

बैटरी चालित ट्रैक्टर की रही खास पहचान:
राहुल द्वारा विकसित ट्रैक्टर पूरी तरह बैटरी आधारित था। इसमें ईंधन की आवश्यकता नहीं होती थी, जिससे वायु प्रदूषण भी नहीं होता था। यह ट्रैक्टर बिना अधिक आवाज के संचालित होता था। राहुल के अनुसार इसकी बैटरी ट्रैक्टर के संचालन के दौरान स्वयं चार्ज होती रहती थी, इसलिए अलग से चार्ज करने की आवश्यकता नहीं पड़ती थी।

बताया गया कि यह ट्रैक्टर लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकता था और करीब तीन घंटे में एक एकड़ खेत की जुताई करने में सक्षम था। इसकी बैटरी और मोटर का निर्माण भी राहुल ने स्वयं किया था।

गियर के बिना आसान संचालन की सुविधा:
राहुल ने अपने ट्रैक्टर में कई आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी थीं। इसमें चार इंडिकेटर, दो हेडलाइट, पावर स्टेयरिंग और आगे-पीछे चलाने के लिए अलग स्विच दिया गया था। ट्रैक्टर में गियर की आवश्यकता नहीं थी, जिससे इसे चलाना अपेक्षाकृत आसान बनाया गया था। बैटरी को बोनट के नीचे स्थापित किया गया था और उसे ठंडा रखने के लिए चार पंखे लगाए गए थे। ट्रैक्टर का कुल वजन लगभग डेढ़ क्विंटल बताया गया था।

पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर स्पष्ट स्थिति सामने आ सकेगी।

#Tags:
#RahulSingh #Lucknow #Novotel #VibhutiKhand #DroneScientist #Maharajganj #PoliceInvestigation #Postmortem #Innovation

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

Related Posts

  • September 15, 2026
  • 49 views
क्या पाला बदलेंगे संजय निषाद? कहा अगर भाजपा दरवाजा बंद करेगी तो…

उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.…

Read more

  • September 15, 2026
  • 39 views
Ghazipur: BSP Leader Parvez Khan का बड़ा खुलासा! SP MLA Omprakash Singh पर गंभीर आरोप

Ghazipur के Zamania विधानसभा क्षेत्र से BSP Leader Parvez Khan ने SP MLA Omprakash Singh को लेकर बड़ा बयान दिया है। बातचीत में उन्होंने Mining, Overloading, खराब सड़कें, Health Services,…

Read more

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading