10 साल की जेल, 10 करोड़ रुपये का जुर्माना: पेपर लीक रोकने वाले नए प्रस्तावित क़ानून में क्या है ख़ास?

लोकसभा में Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 (लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026) ध्वनि मत से पारित हो गया है। इस विधेयक के पारित होने के साथ ही पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े अनुचित साधनों के मामलों में सजा और आर्थिक दंड के प्रावधान पहले की तुलना में अधिक कठोर कर दिए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विधेयक पर मंगलवार को करीब नौ घंटे तक चर्चा हुई, जबकि बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच इसे लोकसभा से मंजूरी मिल गई।

पेपर लीक मामलों में बढ़ाई गई सजा:
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संशोधित कानून के तहत अब पेपर लीक से जुड़े अपराधों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष तक के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इन सख्त प्रावधानों का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

लोकसभा में हुई लंबी चर्चा:
विधेयक पर मंगलवार को लगभग नौ घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई। इसके बाद बुधवार को सदन में विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच इसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच परीक्षा प्रणाली, छात्रों के हितों और कानून की आवश्यकता को लेकर विभिन्न तर्क सामने आए।

राज्यसभा में भी अहम विधेयक पारित:
इसी दौरान Rajya Sabha (राज्यसभा) ने वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने से संबंधित विधेयक को भी मंजूरी दे दी। इस घटनाक्रम के साथ संसद के दोनों सदनों में अलग-अलग महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और निर्णय लिए गए।

सदन में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधेयक पर चर्चा के दौरान राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। सत्ता पक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi (राहुल गांधी) के कुछ बयानों पर आपत्ति जताई गई। चर्चा के दौरान यह भी कहा गया कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना सदन में आरोप लगाना उचित नहीं है। साथ ही 21 जुलाई को हुए प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया गया।

केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर लगाए आरोप:
विधेयक पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh (जितेंद्र सिंह) ने कहा कि विपक्ष इस विधेयक पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा सदन में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्द असंसदीय थे और उन्हें संसदीय नियमों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के मुद्दे पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, न कि राजनीतिक बयानबाजी।

राहुल गांधी ने संसद परिसर में रखा पक्ष:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लोकसभा में अपने संबोधन के बाद Rahul Gandhi (राहुल गांधी) ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि गृह मंत्री Amit Shah (अमित शाह) को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सदन में जवाब देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री ने किसी प्रकार का निर्देश नहीं दिया है तो उन्हें सदन में आकर इस संबंध में स्पष्ट बयान देना चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें संसद में अपनी बात रखने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए।

संसद की कार्यवाही पर बनी रही नजर:
पेपर लीक से जुड़े कानून में संशोधन और उससे जुड़ी राजनीतिक बहस के कारण संसद की कार्यवाही पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। एक ओर सरकार ने इसे परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, वहीं विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर अपनी आपत्तियां और सवाल भी सदन में रखे। आने वाले समय में इस संशोधित कानून के लागू होने के बाद इसके प्रभाव पर भी नजर रहेगी।

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