ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच अब सऊदी अरब की भूमिका को लेकर भी नया घटनाक्रम सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार रात सऊदी अरब ने अमेरिका के साथ मिलकर इराक में ईरान समर्थित Popular Mobilization Force (पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स – PMF) के ठिकानों पर कार्रवाई की। इस हमले में 20 लड़ाकों के मारे जाने और 32 के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है तथा मध्य पूर्व की स्थिति पर दुनिया की नजरें टिक गई हैं।
हमले के बाद बढ़ा तनाव:
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना का कहना है कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, वहां से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद ईरान की ओर से जवाबी कदम उठाए जाने की खबर भी सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें Jordan (जॉर्डन) स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे की दिशा में दागीं, हालांकि सभी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर लिया गया।
पिछले 24 घंटों में सामने आए प्रमुख घटनाक्रम:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते 24 घंटे के दौरान कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं। Donald Trump (डोनाल्ड ट्रम्प) और Benjamin Netanyahu (बेंजामिन नेतन्याहू) की मुलाकात में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देने पर सहमति जताई गई। वहीं Volodymyr Zelenskyy (वोलोदिमिर जेलेंस्की) ने ट्रम्प के साथ एयर डिफेंस सिस्टम, रक्षा सहयोग और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर चर्चा की। इसी दौरान Oman (ओमान) ने Hormuz Strait (होर्मुज स्ट्रेट) के नियंत्रण को क्षेत्रीय देशों की साझेदारी में रखने का प्रस्ताव भी रखा, जिसे खाड़ी के कई देशों का समर्थन मिलने की बात कही गई।
कच्चे तेल और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर:
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं इराक, जॉर्डन और सऊदी अरब में ड्रोन गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। कुछ घटनाओं की जिम्मेदारी हूती विद्रोहियों द्वारा लिए जाने की बात भी रिपोर्ट्स में कही गई है, जबकि कई मामलों में अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
अमेरिकी दूतावास ने जारी की सुरक्षा सलाह:
Baghdad (बगदाद) स्थित अमेरिकी दूतावास ने इराक में मौजूद अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है। नागरिकों से स्थानीय मीडिया पर नजर रखने, प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने और यात्रा से पहले उड़ानों की स्थिति की जांच करने की सलाह दी गई है। दूतावास ने यह भी कहा है कि सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए हवाई क्षेत्र में बिना पूर्व सूचना के बदलाव संभव हैं।
रेड सी में जहाजों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता:
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के बंदरगाहों से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी के बाद China (चीन) ने अपने तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हूती पक्ष से सीधे संपर्क किया। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि चीन ने अपने जहाजों की आवाजाही के लिए अलग-अलग मंजूरी प्राप्त की। हालांकि चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
क्षेत्रीय हालात पर बनी हुई नजर:
मध्य पूर्व में लगातार बदलते हालात के बीच विभिन्न देशों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिका, ईरान, सऊदी अरब और अन्य क्षेत्रीय देशों की ओर से उठाए जा रहे कदमों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय नजर बनाए हुए है। फिलहाल स्थिति को लेकर आधिकारिक घोषणाओं और आगे के घटनाक्रम का इंतजार किया जा रहा है।
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