Gadkari का बड़ा बयान: एथेनॉल और ई-20 से गाड़ियों को नहीं होगा नुकसान
देश में E20 Petrol (ई-20 पेट्रोल), एथेनॉल, माइलेज और वाहनों पर इसके प्रभाव को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इन मुद्दों पर Union Ministry of Road Transport and Highways (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय) के मंत्री Nitin Gadkari (नितिन गडकरी) ने बातचीत के दौरान अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि एथेनॉल से गाड़ियां खराब होने का कोई प्रमाण नहीं है। साथ ही उनका कहना है कि वैकल्पिक ईंधन का उपयोग देश में तेल आयात कम करने, प्रदूषण घटाने और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
एथेनॉल को बताया भविष्य का ईंधन:
Nitin Gadkari (नितिन गडकरी) ने कहा कि वह परिवहन मंत्री होने के साथ ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के मानक तय करने के लिए भी जिम्मेदार हैं, जबकि किस प्रकार का ईंधन उपयोग होगा, इसका अंतिम निर्णय Ministry of Petroleum and Natural Gas (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय) करता है। उन्होंने कहा कि वह पिछले 25 वर्षों से किसानों के हित में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं। उनके अनुसार देश लगभग 22 लाख करोड़ रुपये का पेट्रोलियम आयात करता है और परिवहन क्षेत्र का प्रदूषण भी एक बड़ी चुनौती है।
एथेनॉल उत्पादन क्षमता पर क्या कहा:
उन्होंने बताया कि देश को हर वर्ष लगभग 1450 करोड़ लीटर एथेनॉल की आवश्यकता होती है, जबकि उत्पादन क्षमता 1750 से 1800 करोड़ लीटर तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल केवल गन्ने से ही नहीं, बल्कि मोलासेस, मक्का, टूटे चावल, पराली और बांस से भी तैयार किया जा रहा है। उनके अनुसार इससे तेल आयात में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है, प्रदूषण कम हुआ है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिली है।
माइलेज को लेकर दिया जवाब:
ई-20 पेट्रोल से माइलेज कम होने के सवाल पर Nitin Gadkari (नितिन गडकरी) ने कहा कि माइलेज कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें सड़क और ट्रैफिक की स्थिति भी शामिल है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल की कैलोरी वैल्यू पेट्रोल से कुछ कम होने के कारण कुछ परिस्थितियों में मामूली अंतर आ सकता है। हालांकि, उनका कहना था कि एथेनॉल अपेक्षाकृत सस्ता है, प्रदूषण कम करता है और भविष्य में फ्लेक्स-फ्यूल इंजन आने के बाद यह अंतर और कम हो जाएगा।
ई-20 से गाड़ियां खराब होने पर क्या बोले:
गाड़ियों पर ई-20 के प्रभाव को लेकर उठ रहे सवालों पर Nitin Gadkari (नितिन गडकरी) ने कहा कि एथेनॉल से वाहन खराब होने का कोई प्रमाण उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 से पेट्रोल में एथेनॉल मिलाया जा रहा है और अब तक इस कारण किसी वाहन के खराब होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर सोशल मीडिया पर भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं।
पेट्रोल की कीमतों पर रखी बात:
एथेनॉल अपेक्षाकृत सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल की कीमतों में कमी नहीं आने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेट्रोल के दाम तय करने का अधिकार Ministry of Petroleum and Natural Gas (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय) के पास है और सरकार कीमतों में स्थिरता बनाए रखने का प्रयास करती है।
ऊर्जा सुरक्षा को बताया प्राथमिकता:
कच्चे तेल की कीमतों और एथेनॉल की उपयोगिता पर उन्होंने कहा कि यदि क्रूड ऑयल की कीमतें कम भी हो जाएं, तब भी ऊर्जा सुरक्षा, प्रदूषण में कमी, किसानों की आय बढ़ाना और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं। उनके अनुसार वैकल्पिक ईंधन भविष्य की आवश्यकता हैं।
हाईवे और सड़क गुणवत्ता पर भी बोले:
राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता पर पूछे गए सवाल के जवाब में Nitin Gadkari (नितिन गडकरी) ने कहा कि अधिकांश सड़कों की गुणवत्ता अच्छी है। उन्होंने बताया कि सड़कों की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में कई परियोजनाओं की समीक्षा की गई, कई कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया और ठेकेदारों की रेटिंग सूची भी प्रकाशित करने की तैयारी है।
राजनीति को बताया सामाजिक परिवर्तन का माध्यम:
अपनी स्पष्टवादिता पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में Nitin Gadkari (नितिन गडकरी) ने कहा कि वह सुविधा नहीं बल्कि सिद्धांतों की राजनीति करते हैं। उनके अनुसार राजनीति उनके लिए सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का माध्यम है तथा उनका उद्देश्य सत्ता नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण है।
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