नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, यूपी में बहकर आए 5 जंगली हाथी. महराजगंज-कुशीनगर में हाई अलर्ट
नेपाल में बाढ़ के हालात के बीच उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी खतरा बढ़ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने नेपाल सीमा से सटे महराजगंज और कुशीनगर को हाई अलर्ट पर रखा है। बैराज के सभी 36 गेट खोले जाने के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में रात तक दोनों जिलों में बाढ़ का खतरा बताया जा रहा है।
महराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन सतर्क:
बाढ़ की आशंका को देखते हुए दोनों जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी मैदान में उतर गए हैं। गांवों में सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। पुलिसकर्मी भी ग्रामीणों से नदी के किनारे नहीं जाने और घरों में रखी जरूरी व कीमती वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील कर रहे हैं।
महराजगंज में सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा गांवों में बाढ़ का खतरा है। इन तीनों गांवों की कुल आबादी करीब 15 हजार बताई गई है। प्रशासन की ओर से लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 05523-222162, 9628819145 और 9621333537 जारी किए गए हैं। वहीं, कुशीनगर में करीब 50 हजार लोगों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
बहराइच में नदी के रास्ते पहुंचे पांच हाथी:
बहराइच में भी नेपाल की ओर से तेज बहाव के साथ बहकर पांच जंगली हाथी घाघरा बैराज तक पहुंच गए। हाथियों के झुंड में दो बच्चे भी शामिल थे। सूचना मिलने के बाद वन विभाग और सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
हाथियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पानी का बहाव कम करने के उद्देश्य से बैराज के गेट बंद किए गए। इसके बाद टीम ने ग्रामीणों की मदद से सभी पांचों हाथियों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें जंगल की ओर भेज दिया।
प्रदेश के कई शहरों में रुक-रुककर बारिश:
उत्तर प्रदेश में बुधवार सुबह से गाजियाबाद और झांसी समेत 35 शहरों में रुक-रुककर बारिश हुई। कानपुर में देर रात साढ़े 12 बजे से दोपहर एक बजे तक तेज बारिश हुई। भारी बारिश के कारण सड़कें और गलियां पानी से भर गईं। कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया।
कानपुर की वीआईपी रोड पर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा हो गया। अपर श्रमायुक्त कार्यालय भी जलमग्न हो गया। वहीं लखनऊ में शाम चार बजे से तेज बारिश शुरू हुई। बारिश इतनी जोरदार थी कि दिन में ही अंधेरा छा गया और कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो गई।
महोबा से ललितपुर तक बाढ़ जैसे हालात:
महोबा के जिला अस्पताल में बारिश का पानी भर गया। इमरजेंसी वार्ड की छत से भी पानी टपकने लगा। पिछले दो दिनों में प्रदेश में बारिश के कारण हुए हादसों में 13 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। प्रदेश के 19 जिले बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं।
बदायूं में गंगा और रामगंगा नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं। कटान की चपेट में आने से एक मकान गंगा में समा गया। रामगंगा नदी बदायूं-शाहजहांपुर हाईवे के ऊपर से बह रही है। चंदौली में मूसाखांड और लतीफशाह बांध पानी से पूरी तरह भर गए हैं, जिसके बाद उनके गेट खोल दिए गए हैं।
झांसी का सुकवा-ढुकवा बांध भी ओवरफ्लो हो गया है। लखीमपुर में शारदा नदी पर बने तमोलिन पुरवा बांध का एक हिस्सा कट गया है। ललितपुर में खेड़ार नदी का पानी पुल से करीब तीन फीट ऊपर बह रहा है। सिरसी पुल भी पानी में डूब गया है।
वाराणसी और प्रयागराज में घाट डूबे:
वाराणसी में गंगा और प्रयागराज में यमुना का जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया जा रहा है, लेकिन दोनों जगह अभी भी सभी घाट पानी में डूबे हुए हैं। हालात के चलते सड़कों और छतों पर अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी दी गई है।
24 घंटे में महोबा में सबसे ज्यादा बारिश:
पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 110.2 मिलीमीटर बारिश महोबा में दर्ज की गई। इसके बाद बांदा में 97.7 मिलीमीटर, हमीरपुर में 87.3 मिलीमीटर और जालौन में 78.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।
गुरुवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी है। इनमें 31 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सीमावर्ती और प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की सतर्कता बढ़ गई है।
अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना:
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के पास बने कम दबाव के क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसूनी हवाओं के प्रभाव से अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उनके अनुसार, प्रदेश में अगले दो से तीन दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
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