नीट पेपर लीक मामले में छात्रों का प्रदर्शन समाप्त होने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi (नरेंद्र मोदी) ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। छह सदस्यीय इस समिति की अध्यक्षता Infosys (इंफोसिस) के सह-संस्थापक Nandan Nilekani (नंदन नीलेकणी) करेंगे। प्रधानमंत्री ने रविवार शाम करीब सात बजे Instagram (इंस्टाग्राम) पर जारी एक वीडियो संदेश के माध्यम से इसकी जानकारी दी। पिछले चार दिनों के दौरान सोशल मीडिया मंच पर उनका यह तीसरा वीडियो संदेश रहा।
परीक्षा प्रणाली में सुधार पर रहेगा फोकस:
वीडियो संदेश में Narendra Modi (नरेंद्र मोदी) ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे जेल में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की है और संसद में कठोर सजा से जुड़े प्रावधान लाने की तैयारी की गई है। प्रधानमंत्री के अनुसार, भविष्य की परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसी उद्देश्य से Nandan Nilekani (नंदन नीलेकणी) के नेतृत्व में हाईपावर टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो परीक्षा सुधार पर कार्य करेगी।
नंदन नीलेकणी का सरकारी समितियों से जुड़ा अनुभव:
Nandan Nilekani (नंदन नीलेकणी) इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण सरकारी समितियों और टास्क फोर्स का हिस्सा रह चुके हैं। वर्ष 2009 में वे UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के पहले अध्यक्ष बने। वर्ष 2010 में उन्होंने Finance Ministry (वित्त मंत्रालय) के टेक्नोलॉजी एडवाइजर ग्रुप फॉर यूनिक प्रोजेक्ट्स की अध्यक्षता की। इसी वर्ष वे Ministry of Electronics and Information Technology (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) की ई-गवर्नेंस मानव संसाधन नीति विशेषज्ञ समिति के भी अध्यक्ष रहे। वर्ष 2024 में वे ONDC (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) की सलाहकार परिषद के सदस्य बने, वर्ष 2025 में India Energy Stack Task Force (इंडिया एनर्जी स्टैक टास्क फोर्स) के मुख्य मार्गदर्शक रहे और अब वर्ष 2026 में राष्ट्रीय परीक्षा सुधार उच्चस्तरीय टास्क फोर्स की जिम्मेदारी संभालेंगे।
पहले भी वीडियो संदेशों में किया था उल्लेख:
प्रधानमंत्री ने 23 जुलाई को जारी वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया था कि पिछले ढाई महीनों के दौरान इस मामले में कई कदम उठाए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा था कि छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख विद्यार्थियों की परीक्षा कराई गई और 19 जुलाई को परिणाम भी जारी कर दिया गया।
उसी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश देने की भी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि सरकार केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए भी प्रभावी व्यवस्था तैयार की जा रही है। यह पूरा मामला 3 मई को आयोजित NEET UG (नीट यूजी) परीक्षा से जुड़ा है।
सुझावों के लिए लोगों का जताया आभार:
24 जुलाई को जारी एक अन्य वीडियो संदेश में Narendra Modi (नरेंद्र मोदी) ने लोगों का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पिछले वीडियो पर मिले सकारात्मक सुझावों और प्रतिक्रियाओं के लिए वह सभी का आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का यह सहयोग और स्नेह आगे भी संवाद को और सक्रिय बनाएगा।
आंदोलन के बाद संसद में आएगा नया संशोधन विधेयक:
नीट पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ छात्र आंदोलन समय के साथ व्यापक रूप लेता गया। 16 मई को सोशल मीडिया के माध्यम से Cockroach Janata Party (कॉकरोच जनता पार्टी) का गठन हुआ। इसके बाद Jantar Mantar (जंतर-मंतर) पर करीब 36 दिनों तक प्रदर्शन चला। बाद में 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan (धर्मेंद्र प्रधान) ने इस्तीफा दे दिया और आंदोलन समाप्त हुआ।
अब संसद में सोमवार को पेपर लीक की रोकथाम से जुड़ा Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill 2026 (सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026) पेश किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh (जितेंद्र सिंह) इसे Lok Sabha (लोकसभा) में प्रस्तुत करेंगे। प्रस्तावित संशोधन के माध्यम से वर्ष 2024 में बने कानून में बदलाव किए जाएंगे। इसमें आरोपियों के लिए कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान होगा। साथ ही राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का अधिकार मिलेगा, जहां मामलों की दैनिक सुनवाई की जा सकेगी।
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में भी किया संवाद:
इसी दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi (नरेंद्र मोदी) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से Viksit Vibrant Village Programme 2026 (विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2026) के प्रतिभागियों से भी बातचीत की। इस कार्यक्रम के तहत देशभर के 403 युवा सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित 74 गांवों का भ्रमण कर लौटे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का युवा ही भारत की ऊर्जा है और वही भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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