Ghazipur | शिक्षा, रोजगार और गरीबों का उद्धार. जनपद गाजीपुर की राजनीति इन्हीं मुद्दों के इर्दगिर्द घुमती है. इन मुद्दों को लेकर अलग अलग नेताओं ने अलग अलग समय पर उत्तर प्रदेश की विधानसभा में कई बार आवाज बुलंद की है और गाजीपुर तस्वीर आपके सामने है.
अब इन मुद्दों को लेकर एक बार फिर विधान सभा में एक आवाज गूंजी. वो आवाज मोहम्दाबाद के विधायक शोएब उर्फ़ मन्नू अंसारी की थी. सवाल अपनी विधानसभा से थे और समाधान जनपद का था. कहा जाता है कि समाजवादी सरकार में पूर्वांचल एक्सप्रेस के पास एक मंदी विकसित करने की बात हुई लेकिन वर्तमान सरकार में वो काम अब तक नहीं हुआ, वहीँ पातालगंगा मंदी को भी व्यवस्थित नहीं किया गया, इसके अलावा मोहम्दाबाद में एक ट्रामा सेण्टर है, वहां नर्स तो हैं लेकिन डॉक्टर नहीं हैं. गाजीपुर के आस पास फोर लेन और एक्सप्रेसवे तो बन गया लेकिन वहां पहुचने के लिए जो मार्ग वो दुर्दशा के शिकार हैं.
गाजीपुर में यूनिवर्सिटी को लेकर मांग लम्बे समय से चल रही है. आन्दोलन भी हुआ, छात्र सड़क पर भी उतरे. मुख्यमंत्री तक से मिलने की कोशिश हुई पत्रक भी दिया गया. लेकिन यूनिवर्सिटी का सपना अब तक सपना है. सबसे गंभीर सवाल तो ये है कि गाजीपुर यूनिवर्सिटी के मानक को पूरा करता है फिर भी सरकार अनदेखा करती है.
छात्र नेता दीपक उपाध्याय के नेतृत्व में गाजीपुर में छात्रों ने यूनिवर्सिटी की मांगों को हमेशा ही प्रमुखता से उठाया. कई अभियान चलायें गये. लेकिन इस बजट में भी सरकार के द्वारा यूनिवर्सिटी को लेकर कुछ नहीं कहा गया.