असुर (एक विशेष अध्याय) भाग 1:- प्रयागराज महाकुम्भ में आस्था और पुण्य की डुबकी लगाने वालों की संख्या 57 करोड़ को पार कर चुकी है। त्रिवेणी के जिस पावन जल में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए देश विदेश के विभिन्न हिस्सों से करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक आ रहे हैं उनके लिए संगम पर्याप्त निर्मल जल उपलब्ध हो इसके लिए निरन्तर योगी सरकार प्रयास कर रही है। सिंचाई विभाग पिछले दो महीने से उसकी नियमित और निरंतर मॉनिटरिंग कर रहा है। जल की पुन; जाँच करके शुद्धता का दावा किया जा रहा है, वहीँ हाकुम्भ-2025 मेला के अंतिम चरण के सफल संचालन के लिये योगी सरकार 1200 अतिरिक्त ग्रामीण बसों की वृद्धि करेगी। इन बसों का क्षेत्रवार आवन्टन किया गया है, जिससे कि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित हो। सरकार ने महाकुम्भ में यात्रियों की अत्यधिक उपलब्धता को देखते हुए बसों की पूर्ति हेतु यह निर्णय लिया है। तो वहीँ कुछ असुरों की निगाह आपके सम्मान के साथ खेलने के लिए तैयार है।
मीडिया रिपोर्ट केअनुसार पहले बाइक गैंग की अवैध वसूली की खबर आई… फिर एक युवती ने छेड़खानी का आरोप लगाया… और अब हद पार हो गयी…
खबर के अनुसार प्रयागराज के एक यूट्यूबर ने महाकुंभ में स्नान करती महिलाओं के वीडियो बनाए और यूट्यूब चैनल पर अपलोड कर दिए। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने यूट्यूबर सहित 3 लोगों को अरेस्ट किया। जांच के दौरान महिलाओं के आपत्तिजनक फुटेज मिले हैं।
अहमदाबाद साइबर क्राइम डीसीपी लवीना सिन्हा ने बताया- जांच में पता चला कि तीनों ने महाकुंभ में स्नान करती महिलाओं के वीडियो दूसरे चैनलों को भी बेचे थे। महंगे रेट पर वीडियो बेचने का धंधा चला रहे थे।
आरोपियों पर देश के 60-70 अस्पतालों के CCTV हैक करने का भी शक है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रयागराज के चंद्रप्रकाश फूलचंद, महाराष्ट्र लातूर के प्रज्वल अशोक तेली और महाराष्ट्र के सांगली के प्रज राजेंद्र पाटिल के रूप में हुई है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि तीनों आरोपी यूट्यूब और टेलीग्राम चैनलों पर महाकुंभ में स्नान करती महिलाओं के वीडियो बेच रहे थे। इसके एवज में मोटी रकम कमाई। साइबर क्राइम ब्रांच ने बताया- राजकोट के पायल अस्पताल के CCTV को आईपी एड्रेस के आधार पर हैक किया गया था। यह करतूत इन्हीं लोगों की गैंग की हो सकती है।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने महाराष्ट्र से प्रज्वल अशोक तेली और प्रज राजेंद्र पाटिल को अरेस्ट किया। वहीं, चंद्रप्रकाश फूलचंद को प्रयागराज से अरेस्ट किया। आरोपियों से अभी पूछताछ की जा जारी है। प्रयागराज से गिरफ्तार आरोपी चंद्रप्रकाश फूलचंद के चैनल पर महाकुंभ के वीडियो अपलोड किए गए थे। अब इस बात की जांच की जा रही है कि उसने यह वीडियो खुद अपलोड किया है या किसी से खरीदा है।
दूसरी ओर, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम इस पूरी जांच में 60 से 70 अलग-अलग अस्पतालों के CCTV हैक होने की आशंका पर भी जांच कर रही है। यह रैकेट एक साल से चल रहा था, जिसमें पता चला है कि कई महिलाओं के वीडियो इन लोगों को बेचे गए थे। अब इस पूरे मामले की जांच के लिए आरोपियों की रिमांड लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
महाराष्ट्र का प्रज्वल तेली मुख्य आरोपी है। तीनों आरोपियों ने 8 माह में लाखों रुपए कमाए। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी इस वीडियो को 800 से 2000 रुपए में बेच रहा था। शुरुआती जांच से पता चला है कि अस्पतालों के IP एड्रेस रोमानिया और अटलांटा से हैक किए गए थे। देश के 60-70 अस्पतालों के वीडियो हैक कर लिए गए हैं। आरोपी फोटो और वीडियो बेचकर पैसे कमा रहे थे।
क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि प्रयागराज का चंद्रप्रकाश फूलचंद खुद वीडियो बनाता। अपने चैनल पर अपलोड करके ऑनलाइन बेचता था। आरोपी के टेलीग्राम चैनल पर 100 से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।
फरवरी-मार्च 2024 में पायल हॉस्पिटल का CCTV हैक हुआ
अस्पताल के अलावा महिला के वीडियो सिनेमाघरों और मॉल में भी मिले हैं। पायल अस्पताल का डेटा हैक कर लिया गया। अस्पताल का सीसीटीवी फरवरी-मार्च 2024 में हैक किया गया था। इलाज के दौरान मरीज द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अस्पताल में सीसीटीवी लगाया गया। पुलिस को कई जानकारियां मिली हैं, जिसके अनुसार पुलिस दो अलग-अलग थ्योरी पर काम कर रही है।
1.) साइबर क्राइम ब्रांच फिलहाल इस बात की जांच कर रही है कि हैकर ने पायल अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज को कैसे हैक किया।
2.) तीनों आरोपियों के पास वीडियो कहां से और कैसे आए। खुद बनाए हैं या खरीदे हैं।
टेलीग्राम चैनल महाराष्ट्र से संचालित हो रहा था
महिलाओं के इलाज के दौरान चेकअप की सीसीटीवी फुटेज बेचने को लेकर अहमदाबाद के जेसीपी शरद सिंघल ने प्रेसवार्ता की। इसमें उन्होंने कहा कि राजकोट क्राइम ब्रांच ने बड़ी सफलता हासिल की है। तीन माह के सीसीटीवी आईपी की जांच की गई है। यह टेलीग्राम चैनल महाराष्ट्र के सांगली और लातूर से संचालित हो रहा था। टीम ने महाराष्ट्र और प्रयागराज में जांच की। फूलचंद्र नाम का एक अन्य व्यक्ति टेलीग्राम चैनल चला रहा था। प्रज्वल रोमानिया और अटलांटा के हैकरों के संपर्क में था।
पुलिस क्या कर रही थी?
अब आप कहेंगें की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन पर है तो भईया शायद आपने सुरक्षा के तस्वीरों को नहीं देखा… सच में महाकुंभ में अगर सबसे ज़्यादा किसी ने ग्राउंड पर मेहनत की तो वो हैं पुलिस वाले! प्रयागराज में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को सुव्यवस्थित और सुरक्षित रूप से प्रबंधित करने में जीआरपी कप्तान अभिषेक यादव और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी सूझबूझ और उत्कृष्ट प्रबंधन कौशल के परिणामस्वरूप प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। उन्होंने प्रयागराज में आठ रेलवे स्टेशनों पर 90 होल्डिंग एरिया स्थापित किए गए, जिससे यात्रियों का आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो सका। इसके अतिरिक्त, भीड़ के प्रवाह का आकलन करने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे भीड़ नियंत्रण में सहायता मिली। अभिषेक यादव की टीम ने चौबीसों घंटे कार्यरत एक मजबूत नियंत्रण कक्ष स्थापित किया, जिससे स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा सके।
किसी भी महायोजन से कई कहानियां निकल कर सामने आती हैं, चुनौती बहुत होती है और जिम्मेदारियां बड़ी हो जाती हैं, इसीलिए किसी दावे और वादे को समझने और ज्यादा समझने की आवश्यकता है।