लखनऊ में फिर पीएसी तैनात कर भैंसें उठवाईं:3 थानों की फोर्स भी लगी, एक दिन पहले 200+ भैंस ले गया था नगर निगम
लखनऊ में अवैध रूप से संचालित डेयरियों के खिलाफ नगर निगम ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। गुरुवार सुबह पारा क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने पुलिस और पीएसी बल के साथ मिलकर कई मोहल्लों में अभियान चलाया। इस दौरान कैटल कैचर टीम ने करीब 38 से 40 भैंसों को पकड़कर हटाया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और ईटीएफ के जवान भी तैनात रहे।
अभियान मोहान रोड के आसपास, काकोरी मोड़ और उससे जुड़े कई मोहल्लों में चलाया गया। नगर निगम की टीम के साथ तीन थानों की पुलिस, एक कंपनी पीएसी बल और एन्क्रोचमेंट टास्क फोर्स के जवान मौजूद रहे। सुरक्षा में तैनात जवानों ने हेलमेट, डंडे और सुरक्षा जैकेट पहन रखी थी। टीम के पहुंचते ही अवैध डेयरियों में मौजूद पशुओं को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
छह मोहल्लों में पहुंची नगर निगम की टीम:
नगर निगम की कार्रवाई पारा पिंक सिटी, बुद्धेश्वर विहार और गद्दियाना समेत कई इलाकों में की गई। इसके बाद टीम काकोरी मोड़ के पास स्थित नरौना गांव और महाम सिटी क्षेत्र में भी पहुंची। अभियान के दौरान नगर निगम की कैटल कैचर टीम ने अलग-अलग स्थानों से भैंसों को पकड़कर हटाया।
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कई डेयरी संचालक अपने पशुओं को लेकर वहां से चले गए। कुछ लोगों ने भैंसों को ट्रकों में भरकर दूसरे स्थानों पर भेज दिया। इसके कारण कई जगहों पर नगर निगम की टीम को अपेक्षाकृत कम पशु मिले।
पहले भी 200 से ज्यादा भैंसें हटाई गई थीं:
नगर निगम की ओर से इससे पहले मंगलवार को भी पारा क्षेत्र समेत अन्य स्थानों पर इसी तरह का अभियान चलाया गया था। उस कार्रवाई के दौरान 200 से अधिक भैंसों को पकड़कर ठाकुरगंज स्थित कांजी हाउस भेजा गया था। लगातार हो रही कार्रवाई के बाद अवैध डेयरियां संचालित करने वालों में भी हलचल देखने को मिली।
नगर निगम और पुलिस की ओर से यह सख्ती 16 अगस्त को हुई घटना के बाद बढ़ाई गई है। उस दिन अवैध रूप से डेयरी चलाने वालों पर कार्रवाई करने पहुंची टीम पर कथित तौर पर हमला किया गया था। आरोप है कि टीम पर ईंट-पत्थर और भैंस बांधने वाली लोहे की मोटी चेन से हमला किया गया। इस दौरान एक दरोगा को चोटें आई थीं।
सुबह छह बजे शुरू हुआ अभियान:
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अभिनव वर्मा के अनुसार, मंगलवार की कार्रवाई के बाद कई अवैध डेयरियों के संचालकों ने पशुओं को ट्रकों के जरिए वहां से हटा दिया था। गुरुवार को अभियान सुबह करीब छह बजे शुरू किया गया। सुबह 8:30 बजे तक टीम को लगभग 10 भैंसें ही मिली थीं।
इसके बाद टीम ने काकोरी मोड़ के आसपास के मोहल्लों में कार्रवाई तेज की। वहां करीब आधे घंटे के भीतर लगभग 30 भैंसें और मिलीं। इस तरह अलग-अलग स्थानों से कुल करीब 38 से 40 भैंसों को नगर निगम की टीम ने हटाया।
तालाब में छिपाई गईं भैंसें भी मिलीं:
नगर निगम की टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही कुछ लोगों ने भैंसों को घरों के भीतर बांध दिया। कई स्थानों पर पशुओं को सुनसान जगहों पर ले जाकर छिपाने की कोशिश की गई। टीम को ऐसे स्थानों पर भी पहुंचना पड़ा जहां पशुओं को नजरों से दूर रखने का प्रयास किया गया था।
सलेमपुर पतोरा गांव में कुछ लोगों ने भैंसों को जलकुंभी से भरे तालाब की ओर हांक दिया था। वहां कीचड़ अधिक होने के कारण लोगों की आवाजाही कम रहती है। नगर निगम की टीम को जब इसकी जानकारी मिली तो वह मौके पर पहुंची और तालाब से भैंसों को बाहर निकलवाया।
पुलिस और ईटीएफ की मौजूदगी में कार्रवाई:
अभियान के दौरान ठाकुरगंज, पारा और सआदतगंज थानों की पुलिस के साथ नगर निगम के ईटीएफ बल के करीब 100 जवान मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच कैटल कैचर टीम ने अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की।
नगर निगम की इस कार्रवाई का मुख्य फोकस पारा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित डेयरियों और वहां रखे गए पशुओं को हटाने पर रहा। अभियान के दौरान टीम को कई स्थानों पर पशुओं को छिपाए जाने की स्थिति का भी सामना करना पड़ा।
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