गाज़ीपुर (Ghazipur) में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath (योगी आदित्यनाथ) के प्रस्तावित आगमन से पहले छात्रसंघ प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन SDM Sadar (एसडीएम सदर) Vinod Joshi (विनोद जोशी) को सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि 30 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के गाज़ीपुर दौरे के दौरान उन्हें शिष्टाचार भेंट एवं वार्ता का अवसर दिया जाए। यदि किसी कारणवश सीधी मुलाकात संभव न हो सके तो छात्रों की मांग से संबंधित ज्ञापन हर हाल में मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाए, ताकि जिले के छात्र-छात्राओं की लंबे समय से चली आ रही मांग पर विचार हो सके।
मुख्यमंत्री तक मांग पहुंचाने का आग्रह:
छात्रसंघ प्रतिनिधिमंडल द्वारा सौंपे गए पत्रक में अनुरोध किया गया कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath (योगी आदित्यनाथ) के प्रस्तावित कार्यक्रम की आधिकारिक प्रोटोकॉल सूची में प्रतिनिधिमंडल का नाम शामिल किया जाए। प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि उन्हें मुख्यमंत्री से सीधे मिलने का अवसर मिलता है तो वे जनपद में राज्य विश्वविद्यालय की आवश्यकता और इससे जुड़े तथ्यों को विस्तार से रख सकेंगे। साथ ही यह भी अनुरोध किया गया कि यदि मुलाकात संभव न हो तो ज्ञापन मुख्यमंत्री तक अवश्य पहुंचाया जाए।

राज्य विश्वविद्यालय की आवश्यकता पर रखा पक्ष:
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष Deepak Upadhyay (दीपक उपाध्याय) ने कहा कि गाज़ीपुर (Ghazipur) पूर्वांचल का एक प्रमुख जनपद है, जहां 360 से अधिक महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद जिले में आज तक कोई राज्य विश्वविद्यालय स्थापित नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अभाव में विद्यार्थियों को उच्च एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे जिलों और राज्यों का रुख करना पड़ता है, जिससे मध्यमवर्गीय और किसान परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई ग्रामीण छात्राएं भी उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।

जनप्रतिनिधियों से मंच से मांग उठाने की अपील:
Deepak Upadhyay (दीपक उपाध्याय) ने मीडिया के माध्यम से जिले के जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान मंच साझा करने वाले सभी जनप्रतिनिधि राज्य विश्वविद्यालय की मांग को मजबूती से उठाएं। उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि गाज़ीपुर के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े इस विषय को प्रमुखता से प्रकाशित किया जाए, ताकि जिले की इस मांग को व्यापक समर्थन मिल सके।
छात्र नेताओं ने रखी अपनी बात:
प्रतिनिधिमंडल में शामिल छात्र नेता Abhishek Pandey (अभिषेक पाण्डेय) ने कहा कि गाज़ीपुर के छात्र-छात्राओं को समान और सुलभ उच्च शिक्षा का अधिकार मिलना चाहिए। उनका कहना था कि जब सरकार विभिन्न जिलों में विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है, तब गाज़ीपुर जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक जनपद की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। वहीं छात्र नेता Vikas Yadav (विकास यादव) ने कहा कि एसडीएम सदर के माध्यम से मुख्यमंत्री तक छात्रों की मांग पहुंचाने का प्रयास किया गया है और छात्र समुदाय लोकतांत्रिक एवं सकारात्मक तरीके से अपनी मांग को आगे भी उठाता रहेगा।
रणनीति बनाई, कई छात्र रहे मौजूद:
राज्य विश्वविद्यालय की मांग को आगे बढ़ाने के लिए एक रणनीति भी तैयार की गई है। इसके संयोजक के रूप में Dr. Shammi Singh (डॉ. शम्मी सिंह) और Deepak Upadhyay (दीपक उपाध्याय) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रतिनिधिमंडल में Abhishek Pandey (अभिषेक पाण्डेय), Vikas Yadav (विकास यादव), Nilesh Bind (निलेश बिन्द), Vishal Maurya (विशाल मौर्या), Vivek Pradhan (विवेक प्रधान), Amritansh Bind (अमृतांश बिन्द), Rajnish Rai (रजनीश राय), Abhinav Ranjan (अभिनव रंजन) और Sudhanshu Pandey (सुधांशु पांडे) सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा मौजूद रहे।
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