Video: जर्जर सड़कों के खिलाफ 10 हज़ार हस्ताक्षरों का अभियान, जिलाधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन……..
रिपोर्टर: प्रदीप शर्मा
गाज़ीपुर (Ghazipur) में लंबे समय से बदहाल पड़ी सड़कों और अधूरे पड़े सीवर कार्य को लेकर जनता का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में रहने वाले नागरिकों ने सात वर्षों से जारी समस्याओं के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए करीब 10 हजार लोगों के हस्ताक्षरों से तैयार एक विशाल ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। यह ज्ञापन समाजसेवी विवेक कुमार सिंह शम्मी के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें शहर की बिगड़ती हालत और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं की लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
सात वर्षों से अधूरा सीवर कार्य:
गाज़ीपुर शहर में पिछले सात वर्षों से चल रहे सीवर कार्यों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कई स्थानों पर सीवर कार्य पूरा होने के बाद भी सड़कें जर्जर पड़ी हैं। टूटी सड़कें, गहरे गड्ढे, धूल-मिट्टी और जगह-जगह जमा कीचड़ ने शहर के लोगों को भारी परेशानी में डाल रखा है। नागरिकों का कहना है कि इन बदहाल सड़कों से गुजरना हर दिन एक जोखिम बन चुका है।
प्रमुख मार्गों की मरम्मत नहीं हुई:
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शहर के कई प्रमुख मार्गों पर दो वर्ष पहले सीवर कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन सीवर निर्माण कंपनी, जल निगम (Jal Nigam), नमामि गंगे प्रोजेक्ट (Namami Gange Project), नगर पालिका (Nagar Palika) और पीडब्ल्यूडी (PWD) जैसी जिम्मेदार एजेंसियों द्वारा अब तक सड़क मरम्मत नहीं कराई गई। इसके चलते दुर्घटनाओं की संभावनाएं बढ़ गई हैं और धूल व गंदगी से लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
जनता की पीड़ा—”सड़कें जानलेवा बन चुकी हैं”:
नागरिकों ने कहा कि सड़कें बेहद खराब हो चुकी हैं और दो वर्षों से बिना मरम्मत पड़ी हैं। समाजसेवी विवेक कुमार सिंह शम्मी ने बताया कि “शहर की सड़कें जानलेवा बन चुकी हैं। सात साल से सीवर कार्य चल रहा है और दो साल से सड़कें ऐसे ही छोड़ी गई हैं। हमने 10 हजार नागरिकों के हस्ताक्षर लेकर प्रशासन से मांग की है कि जांच हो, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए और तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया जाए।”
ज्ञापन में प्रमुख मांगें:
• सात वर्षों के निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच:
नागरिकों ने मांग की है कि सात वर्षों से चल रहे सभी निर्माण कार्यों की विस्तृत जांच कराई जाए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाए तो संबंधित संस्थाओं और अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
• निगरानी के लिए सक्षम समिति का गठन:
जनता ने यह भी मांग रखी है कि एक सक्षम अधिकारी की अध्यक्षता में निगरानी समिति का गठन किया जाए, ताकि वर्तमान में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा का पालन सुनिश्चित हो सके।
जन आंदोलन की तैयारी:
नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। लोगों का कहना है कि अब गाज़ीपुर की जनता का धैर्य जवाब देने लगा है और अब वे सड़कों की बदहाली को लेकर चुप नहीं बैठेंगे।
ज्ञापन सौंपने में मौजूद लोग:
इस दौरान विवेक कुमार सिंह शम्मी के साथ संजय सिंह, राजकुमार सिंह, आसिफ खान, राजेश प्रजापति, अनुज भारती, पप्पू नेता, मनीष पांडेय, धर्मेंद्र सिंह और अनुज यादव शामिल रहे।
#Tag: #Ghazipur, #RoadIssue, #PublicProtest, #UPNews, #CivicProblems
डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।