बंगाल के फलता में पुनर्मतदान जारी, सुबह 9 बजे तक 20% वोटिंग
पश्चिम बंगाल (West Bengal) की चर्चित फालता विधानसभा सीट (Falta Assembly Seat) पर गुरुवार को दोबारा मतदान कराया जा रहा है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही देखने को मिली। सुबह 9 बजे तक करीब 20.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए कुल 285 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। मतदान सुबह से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। फालता सीट पर दोबारा मतदान को लेकर राजनीतिक दलों और प्रशासन की नजरें टिकी हुई हैं।
EVM विवाद के बाद चुनाव आयोग का फैसला:
फालता विधानसभा सीट पर इससे पहले 29 अप्रैल को मतदान कराया गया था। उस दौरान कई बूथों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम (EVM) में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप लगाया गया था कि कुछ बूथों पर भाजपा (BJP) के चुनाव चिन्ह वाले बटन पर टेप चिपकाया गया था। इसके अलावा कई मतदान केंद्रों पर ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी की खबरें भी सामने आईं। शिकायतों के बाद चुनाव आयोग (Election Commission) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई और बाद में दोबारा मतदान का आदेश जारी किया।
सुरक्षा व्यवस्था इस बार और सख्त:
रीपोलिंग को देखते हुए चुनाव आयोग (Election Commission) ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत कर दी है। जहां पहले प्रत्येक बूथ पर चार सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते थे, वहीं अब हर बूथ पर आठ जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। मतदान केंद्रों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
TMC और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला:
फालता विधानसभा सीट पर मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress – TMC) और भाजपा (BJP) के बीच माना जा रहा है। हालांकि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान (Jahangir Khan) ने मौखिक रूप से चुनाव नहीं लड़ने का एलान कर दिया था, लेकिन इसकी लिखित सूचना चुनाव आयोग को दिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में ईवीएम में अब भी उनका नाम और पार्टी का चुनाव चिन्ह मौजूद है।
जांच में सामने आए छेड़छाड़ के आरोप:
29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद फालता क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी। कई बूथों से ईवीएम में छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आईं। तत्कालीन ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता (Subrata Gupta) ने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा कर जांच की थी। जांच के दौरान करीब 60 बूथों पर कथित छेड़छाड़ के संकेत मिलने की बात कही गई। इसके अलावा कुछ मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों की फुटेज के साथ भी कथित छेड़छाड़ की कोशिशों की जानकारी सामने आई थी।
फालता सीट का राजनीतिक इतिहास:
फालता विधानसभा सीट पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी यानी सीपीआई (एम) [CPI(M)] का मजबूत गढ़ मानी जाती थी। बाद में यह क्षेत्र तृणमूल कांग्रेस (TMC) का प्रभावशाली क्षेत्र बन गया। वर्ष 2001 में पहली बार TMC ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। 2006 में CPI(M) ने वापसी की, लेकिन 2011 के बाद से लगातार TMC यहां जीत हासिल करती रही है। भाजपा (BJP) अब तक इस सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी है।
साउथ 24 परगना में भाजपा का प्रदर्शन:
फालता सीट साउथ 24 परगना (South 24 Parganas) जिले के अंतर्गत आती है। जिले की कुल 31 विधानसभा सीटों में भाजपा (BJP) ने 10 सीटों पर जीत हासिल की थी। सागर (Sagar), काकद्वीप (Kakdwip), गोसाबा (Gosaba) और सोनारपुर (Sonarpur) के साथ जादवपुर (Jadavpur), टॉलीगंज (Tollygunge) और बेहला पूर्व-पश्चिम (Behala East-West) जैसे शहरी क्षेत्रों में भी भाजपा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। वहीं बासंती (Basanti), कुलतली (Kultali), रायदीघी (Raidighi) और बजबज (Budge Budge) जैसी सीटों पर TMC ने अपनी पकड़ बनाए रखी।
6 उम्मीदवार मैदान में, उम्मीदवार को लेकर संशय बरकरार:
फालता विधानसभा सीट पर इस बार कुल छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। हालांकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान (Jahangir Khan) द्वारा चुनाव न लड़ने की घोषणा के बाद राजनीतिक हलचल और बढ़ गई। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार नाम वापसी की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, इसलिए आधिकारिक तौर पर उनका नाम अब भी उम्मीदवारों की सूची में बना हुआ है। ईवीएम पर उनकी तस्वीर और चुनाव चिन्ह भी मौजूद रहेगा।
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