सांसद-विधायकों की फौज संग सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचीं डिंपल यादव, जंतर-मंतर पर लगे ये नारे

New Delhi (नई दिल्ली) के Jantar Mantar (जंतर-मंतर) पर चल रहे आंदोलन के बीच Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) की सांसद Dimple Yadav (डिंपल यादव) ने गुरुवार को अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk (सोनम वांगचुक) से मुलाकात की। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मंच पर पहुंचने पर उनके स्वागत में नारे लगाए गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन जी रहा है और कौन मर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सोनम वांगचुक ने उनसे कहा है कि वे 20 तारीख को अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे। साथ ही उन्होंने युवाओं से 20 तारीख को जंतर-मंतर से संसद तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होने की अपील करते हुए इसे अधिकारों और सम्मान की लड़ाई बताया।

भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया गया:
इस दौरान Cockroach Janta Party (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक Abhijeet Dipke (अभिजीत दिपके) ने बताया कि डिंपल यादव ने सोनम वांगचुक से 20 तारीख को अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया है। उनका कहना था कि इसके बाद उनकी पार्टी संसद के भीतर इस मुद्दे को आगे बढ़ाएगी। हालांकि, इस अनुरोध पर सोनम वांगचुक की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

NEET पेपर लीक को लेकर जारी है आंदोलन:
सोनम वांगचुक NEET (नीट) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan (धर्मेंद्र प्रधान) के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। बताया गया कि वे पिछले 19 दिनों से अनशन पर हैं और इस दौरान उनका वजन लगभग 8.9 किलोग्राम तक कम हो गया है। इससे पहले 14 जुलाई को Akhilesh Yadav (अखिलेश यादव) भी उनसे अनशन समाप्त करने की अपील कर चुके हैं।

डिंपल यादव ने सरकार पर साधा निशाना:
डिंपल यादव ने अपने संबोधन में कहा कि वह सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को सलाम करती हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कई छात्रों की तबीयत भी खराब हुई है। उनके अनुसार, अभिजीत दिपके ने युवाओं को एक मंच उपलब्ध कराया है और यदि देश का युवा मजबूत होगा तो उसे कोई पराजित नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि पूरी समाजवादी पार्टी इस आंदोलन के साथ खड़ी है और छात्र तथा किसान की स्थिति से पूरा देश परिचित है। उनका आरोप था कि देश में डर का माहौल बनाया जा रहा है।

गांधी के आदर्शों को लेकर भी उठाए सवाल:
डिंपल यादव ने यह भी कहा कि सरकार और BJP (भाजपा) गांधी के आदर्शों का पालन नहीं करती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जिम्मेदारी लेने से बच रही है और केवल राम के नाम का प्रयोग कर सत्ता में बने रहना चाहती है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में भाजपा को रोकना है तो लोकतांत्रिक तरीके से मतदान के माध्यम से रोका जा सकता है।

कई जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद:
डिंपल यादव के साथ इस दौरान कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इनमें Ruchi Veera (रुचि वीरा), Dharmendra Yadav (धर्मेंद्र यादव), Narottam Patel (नरोत्तम पटेल), Mohibullah Nadvi (मोहिबुल्लाह नदवी), Pappu Nishad (पप्पू निषाद) तथा Ragini Sonkar (रागिनी सोनकर) शामिल रहीं।

प्रिया सरोज ने भी दिया था समर्थन:
इससे एक दिन पहले 15 जुलाई को Priya Saroj (प्रिया सरोज) भी जंतर-मंतर पहुंची थीं। उन्होंने कहा था कि सभी लोग युवाओं के साथ खड़े हैं और किसी को डरने या रुकने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि युवाओं की आवाज संसद में भी उठाई जाएगी।

अखिलेश यादव ने फोन पर जाना हालचाल:
14 जुलाई को अखिलेश यादव ने X (एक्स) पर पोस्ट करते हुए बताया था कि उन्होंने सोनम वांगचुक से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देश को वांगचुक के नैतिक नेतृत्व की आवश्यकता है और स्वास्थ्य लाभ के बाद उन्हें नए आंदोलन की शुरुआत करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने NEET (नीट) पेपर लीक और राम मंदिर में चोरी जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका यह भी कहना था कि वांगचुक के आंदोलन को लेकर दुनिया भर में जताई जा रही चिंता से भारत की लोकतांत्रिक छवि प्रभावित हो रही है।

चंद्रशेखर आजाद ने भी जताया समर्थन:
15 जुलाई को Bhim Army (भीम आर्मी) के नेता Chandrashekhar Azad (चंद्रशेखर आजाद) भी जंतर-मंतर पहुंचे थे। उन्होंने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सोनम वांगचुक और कई छात्र लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं, जिससे उन्हें भी पीड़ा हो रही है। उन्होंने कहा कि समय की कमी न होती तो वह भी आंदोलन में शामिल होकर वहीं बैठते। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि वह एक दिन के लिए भी हड़ताल पर बैठ जाएं तो वहां लाखों लोग एकत्र हो जाएंगे और सरकार को उतनी ही परीक्षा लेनी चाहिए जितनी उचित हो।

CJP का आंदोलन और मांग:
Cockroach Janta Party (कॉकरोच जनता पार्टी) 20 जून से Jantar Mantar (जंतर-मंतर) पर NEET (नीट) पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। संगठन की मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। सोनम वांगचुक भी इसी आंदोलन का हिस्सा बने हुए हैं। संगठन का कहना है कि छात्रों की आवाज उठाने वाले वांगचुक को सरकार की ओर से केवल खामोशी मिली है। अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से बच रही है और उसका रवैया संवेदनहीन है।

लद्दाख आंदोलन और पूर्व गिरफ्तारी का उल्लेख:
सोनम वांगचुक इससे पहले Ladakh (लद्दाख) को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर भी आंदोलन कर चुके हैं। इस सिलसिले में वे 170 दिनों तक Jodhpur Jail (जोधपुर जेल) में रहे थे। उन पर आरोप लगाया गया था कि 24 सितंबर 2025 को Leh (लेह) में हुए घटनाक्रम के दौरान हिंसा भड़की, जिसमें चार लोगों की मृत्यु हुई और 90 लोग घायल हुए। इसके बाद 26 सितंबर को उन्हें National Security Act (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम – NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेजा गया था।

#Tags: #DimpleYadav #SonamWangchuk #JantarMantar #NEET #CJP #AkhileshYadav #SP #Delhi #Protest

Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

Related Posts

  • September 14, 2026
  • 34 views
गाज़ीपुर: विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण पर किसानों का विरोध

सेवराई। विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की आपत्ति सामने आई है। सोमवार को सेवराई तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में…

Read more

  • September 14, 2026
  • 23 views
लखनऊ: कृषि विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचार पर जोर, सूर्य प्रताप शाही ने दिए निर्देश

लखनऊ (Lucknow)। प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों को बदलती जलवायु और बढ़ती आबादी की पोषण संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई फसल प्रजातियों के विकास पर अधिक से अधिक…

Read more

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading