उत्तर प्रदेश से सांसद Chandrashekhar Azad (चंद्रशेखर आजाद) प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में संसद परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। वह सोमवार देर रात से Parliament (संसद) के बाहर स्थित Ambedkar Statue (अंबेडकर प्रतिमा) के नीचे बैठे हुए हैं। मंगलवार सुबह बारिश होने के बावजूद उन्होंने अपना धरना जारी रखा। बारिश के दौरान भी वह छाता लगाकर वहीं बैठे रहे और विरोध दर्ज कराते रहे।
धरना जारी रखने का जताया संकल्प:
बारिश के बीच भी Chandrashekhar Azad (चंद्रशेखर आजाद) अपने स्थान से नहीं हटे। उनका कहना है कि वह प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई के विरोध में संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान के लिए धरने पर बैठे हैं। उनका धरना संसद परिसर के बाहर अंबेडकर प्रतिमा के नीचे लगातार जारी रहा।
‘X’ पर साझा किया संदेश:
धरने के दौरान Chandrashekhar Azad (चंद्रशेखर आजाद) ने अपने आधिकारिक X (एक्स) अकाउंट पर एक संदेश भी साझा किया। उन्होंने लिखा कि, “जुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है, वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है। जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।”
संविधान के सम्मान की कही बात:
अपने संदेश में Chandrashekhar Azad (चंद्रशेखर आजाद) ने यह भी कहा कि, “जहां संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूं। मासूमों पर हुए अत्याचार के खिलाफ अपना कर्तव्य निभा रहा हूं।” उन्होंने अपने धरने को संविधान के सम्मान और कथित अत्याचार के विरोध से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
विरोध के बीच जारी रहा धरना:
सोमवार देर रात से शुरू हुआ यह धरना मंगलवार सुबह तक जारी रहा। बारिश के बावजूद Chandrashekhar Azad (चंद्रशेखर आजाद) अंबेडकर प्रतिमा के नीचे डटे रहे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया संदेश के माध्यम से प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार पर आपत्ति जताई और अपने विरोध को सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया।
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