बरेली बवाल में सख्त कार्रवाई: डॉ. नफीस की मार्केट सील, पुलिस को दी गई धमकी अब भारी
Bareilly: बरेली में हाल ही में हुए बवाल के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मौलाना तौकीर रजा खान के करीबी माने जाने वाले आईएमसी के पूर्व प्रवक्ता डॉ. नफीस को घेरे में लिया है। नगर निगम ने सोमवार को नावल्टी चौराहे पर स्थित उनकी मार्केट को सील कर दिया। यह वही डॉ. नफीस हैं जिन्होंने बवाल से पहले पुलिस अधिकारियों को हाथ काटने और वर्दी उतरवाने की धमकी दी थी।
तौकीर रजा जेल में, करीबी सहयोगियों पर शिकंजा
बरेली में बवाल कराने के मामले में मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा खान पहले से ही जेल में हैं। अब प्रशासन ने उनके करीबियों पर भी सख्ती शुरू कर दी है। डॉ. नफीस और पूर्व जिला अध्यक्ष नदीम खां पर जिला और पुलिस प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। नफीस की मार्केट सील होना इसी सख्ती का हिस्सा माना जा रहा है।
विवादित मार्केट पर गिरी गाज
नावल्टी चौराहे पर पहलवान साहब की मजार के पास बनी नफीस की यह मार्केट लंबे समय से विवादों में रही है। आरोप है कि यह मार्केट नाले पर बनाई गई थी, जिसको लेकर मामला कोर्ट में भी चल रहा है और उस पर स्टे भी है। इसी के चलते यह मार्केट हमेशा प्रशासन की नजरों में रही। आखिरकार सोमवार को नगर निगम ने पूरी मार्केट को सील कर दिया।
36 दुकानों और आईएमसी दफ्तर पर ताला
इस मार्केट में कुल 36 दुकानें मौजूद थीं। इसके साथ ही दूसरे फ्लोर पर मौलाना तौकीर रजा की पार्टी आईएमसी (इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल) का दफ्तर भी चलता था। सीलिंग की कार्रवाई के बाद अब न केवल दुकानें बल्कि पार्टी का दफ्तर भी बंद हो गया है। बताया जाता है कि डॉ. नफीस इस पूरी मार्केट से खुद को वक्फ संपत्ति का मुतवल्ली बताकर किराया वसूलते थे।
वक्फ संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर भी लगे आरोप
डॉ. नफीस पर वक्फ की संपत्तियों के दुरुपयोग और उनकी खरीद-फरोख्त के गंभीर आरोप भी पहले लग चुके हैं। नौमहला मस्जिद के पास वक्फ बोर्ड की जमीन पर बनाई गई दुकानों को बेचने का मामला काफी चर्चा में रहा। दबाव में आकर इस विवाद को शांत जरूर किया गया, लेकिन इससे उनकी छवि पर गहरी चोट पड़ी।
बिगड़ैल बयानबाजी बनी मुसीबत
डॉ. नफीस अपने बयानों को लेकर भी कई बार सुर्खियों में रहे। आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर हटाने के दौरान उन्होंने किला इंस्पेक्टर को धमकी दी थी। वायरल हुए वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि उन्होंने कहा था—”अगर बैनर पर हाथ लगाया तो हाथ काट दूंगा, वर्दी नहीं बचेगी।” इस धमकी के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
प्रशासनिक कार्रवाई से बढ़ा दबाव
नफीस के खिलाफ दर्ज मुकदमे और उनकी विवादित मार्केट पर हुई कार्रवाई के बाद माहौल और गरम हो गया है। यह मामला साफ कर रहा है कि प्रशासन अब किसी भी तरह की धमकी, अवैध कब्जे या विवादित गतिविधियों पर नरमी बरतने के मूड में नहीं है। डॉ. नफीस की धमकी और विवादित संपत्तियों से जुड़े मामलों ने अब उनके लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।