बलिया (Ballia) कलेक्ट्रेट (Collectorate) परिसर में शुक्रवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने कथित तौर पर दोषी चिकित्सकों की गिरफ्तारी न होने से नाराज होकर आत्मदाह का प्रयास किया। युवक ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए उसे समय रहते रोक लिया। इस घटना के बाद परिसर में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
मृतका के पति ने उठाया कदम:
यह मामला अपूर्वा नर्सिंग होम (Apoorva Nursing Home) में इलाज के दौरान अनीषा (Anisha) की मौत से जुड़ा हुआ है। मृतका के पति शिवांशु राय (Shivanshu Rai) ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि दोषी चिकित्सकों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वह 17 अप्रैल को आत्मदाह करेंगे। इसी चेतावनी के तहत वह कलेक्ट्रेट पहुंचे और आत्मदाह की कोशिश की।
सुरक्षा के बीच भी पहुंचा परिसर:
घटना से पहले प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही थी, लेकिन इसके बावजूद शिवांशु राय किसी तरह परिसर में पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने मौके पर ही अपने ऊपर तरल पदार्थ डालना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों की नजर पड़ते ही तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें रोक लिया गया और बाद में कोतवाली ले जाया गया।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप:
शिवांशु राय ने आरोप लगाया कि मामले में नामजद चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है और वे खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने डॉक्टर ज्योत्स्ना सिंह (Dr Jyotsna Singh), डॉ अपूर्वा सिंह (Dr Apoorva Singh), डॉ रोहन गुप्ता (Dr Rohan Gupta) और विनोद (Vinod) को घटना के लिए जिम्मेदार बताया। उनका कहना था कि पुलिस कार्रवाई में ढिलाई बरत रही है और पीड़ित पक्ष को ही दबाव में लिया जा रहा है।
प्रशासन का पक्ष और कार्रवाई:
सीओ सिटी मोहम्मद उस्मान (Mohammad Usman) ने बताया कि युवक को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि 22 मार्च को कोतवाली क्षेत्र में स्थित अपूर्वा नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक महिला की मृत्यु हुई थी, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच रिपोर्ट और प्रक्रिया जारी:
सीएमओ बलिया (CMO Ballia) द्वारा गठित जांच टीम ने मामले की जांच पूरी कर 14 अप्रैल को रिपोर्ट संबंधित विवेचक को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले में विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
पहले भी दी गई थी चेतावनी:
मृतका के पति ने पूर्व में जिलाधिकारी को पत्र देकर अवगत कराया था कि यदि निर्धारित समय सीमा तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वह आत्मदाह करेंगे। इस संबंध में एसडीएम सदर (SDM Sadar) द्वारा नोटिस भी जारी किया गया था और पुलिस अधिकारियों ने परिवार को समझाने का प्रयास किया था।
घटना की पृष्ठभूमि:
जानकारी के अनुसार, 22 मार्च को अनीषा, जो देवकली क्षेत्र की निवासी थीं, इलाज के लिए अपूर्वा नर्सिंग होम पहुंची थीं। वहां पथरी का ऑपरेशन किया गया, जिसके दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी।
न्याय की मांग में जारी प्रदर्शन:
मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद गिरफ्तारी न होने से आक्रोश बढ़ता गया। विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा प्रदर्शन, कैंडल मार्च और अन्य विरोध कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार में नाराजगी बनी हुई है।
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