Video:बलिया: जिला अस्पताल में 40 मिनट तक नहीं मिले डॉक्टर, सड़क हादसे में घायल युवक ने तोड़ा दम, मचा बवाल
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बलिया (Ballia) जनपद में एक सड़क हादसे के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फेफना थाना क्षेत्र के खोरी पाकड़ गांव में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से 40 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि काफी देर तक चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने के कारण उसका उपचार नहीं हो सका और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जिला अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों ने हंगामा किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं।
सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ युवक:
पुलिस के अनुसार माल्देपुर गांव निवासी अविनाश सिंह (Avinash Singh) सुबह करीब साढ़े सात बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी समय पर उपचार नहीं मिल सका, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।
मौत के बाद अस्पताल में हंगामा:
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण घायल को समय पर उपचार नहीं मिला। युवक की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जताई।
थाना प्रभारी अखिलेश पांडेय (Akhilesh Pandey) ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले से जुड़ी अन्य परिस्थितियों की भी जानकारी जुटा रही है।
परिजनों ने लगाया चिकित्सक न होने का आरोप:
मृतक के छोटे भाई आलोक कुमार (Alok Kumar) ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दुर्घटना के बाद जब वे अपने भाई को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। उन्होंने दावा किया कि उनका भाई करीब 40 मिनट तक जीवित था। उनके अनुसार बाद में उनके चिकित्सक चाचा ने जांच करने के बाद अविनाश की मृत्यु की पुष्टि की। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध होती तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई सामने:
घटना के बाद कांग्रेस (Congress) के जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक (Umeshankar Pathak) ने भी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर चिंता जता रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच के आदेश:
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ अभय नारायण राय (Dr Abhay Narayan Rai) ने घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि आरोप है कि घायल को जब जिला अस्पताल और ट्रामा सेंटर लाया गया, तब वहां चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह व्यवस्था की गंभीर कमी मानी जाएगी।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने तथा आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा कि मामले में जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जांच समिति करेगी पूरे मामले की पड़ताल:
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ एस के यादव (Dr S K Yadav) ने बताया कि आरोपों की जांच के लिए समिति गठित की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि जिस समय घायल युवक को अस्पताल लाया गया था, उस समय ट्रामा सेंटर में डॉ मनोज कुमार (Dr Manoj Kumar) तथा इमरजेंसी में डॉ संतोष (Dr Santosh) की ड्यूटी निर्धारित थी। अब जांच के माध्यम से यह स्पष्ट किया जाएगा कि घटना के समय वास्तविक स्थिति क्या थी।
#Tag: #Ballia #Hospital #Healthcare #Accident #Treatment #Death #UttarPradesh #Investigation
Disclaimer:
“यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।”
रिपोर्टर: अमित कुमार