Rampur (रामपुर) से जुड़े वर्ष 2019 के हेट स्पीच मामले में Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) के वरिष्ठ नेता Azam Khan (आजम खान) को अदालत से बड़ा झटका लगा है। District Court (जिला कोर्ट) ने MP-MLA Court (एमपी-एमएलए कोर्ट) के फैसले को बरकरार रखते हुए उनकी अपील खारिज कर दी। इससे पहले 16 मई को MP-MLA Court (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने इस मामले में Azam Khan (आजम खान) को दो वर्ष की सजा सुनाई थी। फैसले के खिलाफ उन्होंने Sessions Court (सेशन कोर्ट) में अपील दाखिल की थी, जिस पर अब निर्णय आ गया है।
2019 के चुनावी भाषण से जुड़ा है मामला:
यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक चुनावी भाषण से जुड़ा है। उस समय Azam Khan (आजम खान) Rampur (रामपुर) से Samajwadi Party (समाजवादी पार्टी) और Bahujan Samaj Party (बहुजन समाज पार्टी) गठबंधन के प्रत्याशी थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर टिप्पणी की थी, जिसे लेकर उनके खिलाफ हेट स्पीच का मामला दर्ज किया गया था।
दो साल की सजा पर बरकरार रहा फैसला:
बताया गया कि MP-MLA Court (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने 16 मई को सुनवाई पूरी करने के बाद Azam Khan (आजम खान) को दो वर्ष की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने इस फैसले को चुनौती देते हुए Sessions Court (सेशन कोर्ट) में अपील दायर की। हालांकि, जिला अदालत ने निचली अदालत के फैसले को सही मानते हुए उसे यथावत रखा और अपील को स्वीकार नहीं किया।
प्रशासनिक अधिकारियों पर टिप्पणी का भी मामला:
इसी बीच प्रशासन के चार अधिकारियों पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े एक अन्य मामले में Azam Khan (आजम खान) को राहत मिली है। इस मामले में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। यह मामला भी वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से संबंधित था, जिसमें तत्कालीन अधिकारियों को लेकर टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया था।
एफआईआर के बाद लंबी चली सुनवाई:
जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में उस समय Rampur (रामपुर) के District Magistrate (जिलाधिकारी) Anjaneya Kumar Singh (आंजनेय कुमार सिंह) थे, जो वर्तमान में Moradabad (मुरादाबाद) मंडल में मंडलायुक्त हैं। उनके निर्देश पर तत्कालीन SDM Tanda (एसडीएम टांडा) Ghanshyam Tripathi (घनश्याम त्रिपाठी) ने Bhot Police Station (भोट थाना) में हेट स्पीच का मामला दर्ज कराया था। वहीं 2 अप्रैल 2019 को Faisal Lala (फैसल लाला) ने Kotwali City (शहर कोतवाली) में एक अन्य मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद 18 दिसंबर 2025 को ट्रायल कोर्ट ने Azam Khan (आजम खान) को बरी कर दिया था। इसके बाद फैसले को चुनौती देते हुए अपील दाखिल की गई थी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी:
वर्तमान में Azam Khan (आजम खान) और उनके पुत्र Abdullah Azam Khan (अब्दुल्ला आजम खान) फर्जी पैन कार्ड मामले में सुनाई गई सात-सात वर्ष की सजा के चलते Rampur Jail (रामपुर जेल) में बंद हैं। शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान Azam Khan (आजम खान) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए।
मामले पर बनी हुई है कानूनी प्रक्रिया:
हेट स्पीच और अन्य मामलों में अदालतों के अलग-अलग फैसलों के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर अपने-अपने मामलों में निर्णय सुनाया है। मामले से संबंधित कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के आदेशों के अनुरूप आगे भी जारी रहेगी।
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