गाज़ीपुर: परिषदीय स्कूल के बच्चे एस्ट्रोलॉजी लैब के साथ करेंगें प्रैक्टिकल।
परिषदीय विद्यालयों में अब बच्चों को केवल किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं मिलेगी, बल्कि विज्ञान के जटिल विषयों को प्रयोग के माध्यम से समझने का अवसर भी मिलेगा। जनपद के कंपोजिट विद्यालय हेतिमपुर (Hetimpur) में स्थापित एस्ट्रोलॉजी लैब (Astrology Lab) के जरिए छात्र अब विज्ञान से जुड़े विभिन्न प्रयोगों का प्रैक्टिकल करेंगे। विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में विज्ञान उपकरणों के उपयोग और प्रयोगों की जानकारी शिक्षकों को दी गई।
यह अत्याधुनिक लैब परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस प्रकार की सुविधा अभी जनपद के चुनिंदा विद्यालयों में ही उपलब्ध है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी आधुनिक शिक्षा संसाधनों का लाभ मिल सकेगा।
एस्ट्रोलॉजी लैब में विज्ञान के आधुनिक उपकरण:
कंपोजिट विद्यालय हेतिमपुर (Hetimpur) में स्थापित इस लैब में खगोल विज्ञान, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान से जुड़े कई उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। लैब में दूरबीन सहित विभिन्न प्रयोगात्मक सामग्री दी गई है, जिनके माध्यम से छात्र विज्ञान के सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप से समझ सकेंगे। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस लैब से बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी और प्रयोग करने की रुचि बढ़ेगी।
बताया गया कि इस लैब का निर्माण करीब 5 लाख रुपए की लागत से कराया गया है। खास बात यह है कि जिले में इस प्रकार की लैब केवल दो विद्यालयों—कंपोजिट विद्यालय हेतिमपुर (Hetimpur) और रामपुर फुफुवां (Rampur Fufuwa) में स्थापित की गई है।
प्रशिक्षण और डेमो कार्यक्रम आयोजित:
विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसआरजी रितेश सिंह (Ritesh Singh) ने शिक्षकों को विज्ञान उपकरणों के उपयोग की विधिवत जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न प्रयोगों का डेमो प्रस्तुत करते हुए बताया कि किस प्रकार छात्र इन उपकरणों के माध्यम से विज्ञान को आसान तरीके से समझ सकेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों ने भी उपकरणों के संचालन और प्रयोगों को लेकर जानकारी हासिल की।
शिक्षा विभाग ने बताया गौरव का विषय:
खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार (Sunil Kumar) ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में इस प्रकार के संसाधनों का उपलब्ध होना विभाग के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में यह पहल बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।
वहीं एआरपी अरविंद कुमार सिंह (Arvind Kumar Singh) ने कहा कि यह लैब शिक्षा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी और वे प्रयोगात्मक शिक्षा की ओर प्रेरित होंगे।
विद्यालय परिवार में दिखा उत्साह:
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक गणेश पांडे (Ganesh Pandey) सहित कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। विद्यालय परिवार ने इस पहल को बच्चों के भविष्य के लिए उपयोगी बताया। शिक्षकों का कहना है कि इस प्रकार की सुविधाओं से सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
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रिपोर्टर: जफ़र इकबाल