भारतीय किसान यूनियन संगठन के नेतृत्व में किसानों ने लघु सिंचाई विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। जिला अध्यक्ष कुलवंत सिंह जोशन (Kulwant Singh Joshan) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और किसान नेता मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग के कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

किसानों ने मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार (Abhishek Kumar) को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कई गंभीर आरोपों का उल्लेख करते हुए योजना के कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि योजना के तहत किसानों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
बोरिंग और भुगतान में गड़बड़ी का आरोप:
किसानों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत बोरिंग कार्यों में भारी अनियमितता की गई। किसानों का कहना है कि कई स्थानों पर केवल 140 से 150 फीट तक ही बोरिंग कराई गई, जबकि भुगतान 200 फीट के हिसाब से किया गया। किसानों ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला बताते हुए जांच की मांग उठाई।
घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप:
धरने के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि योजना के तहत खराब गुणवत्ता के पाइप सप्लाई किए गए। साथ ही नलकूपों की ट्रायल टेस्टिंग भी सही तरीके से नहीं कराई गई। किसानों का कहना है कि हौज निर्माण में भी घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। किसानों ने आरोप लगाया कि इससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जीएसटी चोरी और फर्मों पर सवाल:
ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग से जुड़ी कुछ फर्में अधिकारियों और कर्मचारियों के रिश्तेदारों के नाम पर संचालित हो रही हैं। किसानों ने यह भी कहा कि मिर्जापुर (Mirzapur) की एक फर्म के खिलाफ जीएसटी चोरी का मामला सामने आने के बावजूद उससे कार्य कराया जाता रहा। किसानों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
किसानों ने लगाया करोड़ों के भ्रष्टाचार का आरोप:
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने आरोप लगाया कि योजना का लाभ जरूरतमंद किसानों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सहायक अभियंता श्याम सुंदर यादव (Shyam Sundar Yadav) को जनपद से हटाने की भी मांग की।
मुख्य विकास अधिकारी ने दिया जांच का आश्वासन:
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने किसानों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
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रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता