Mahakumbh 2025: महाकुंभ मेला क्षेत्र में एक बार फिर से आग लग गई है। खबरों के अनुसार शंकराचार्य मार्ग सेक्टर-18 में हरिहरानंद के शिविर के कुछ पंडाल जल गए हैं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह करीब 10.30 बजे आग लगने की घटना सामने आई। काफी दूर से आसमान में काला धुआं नजर आ रहा है।



खबर के अनुसार भीड़ को मौके से हटाया गया है और कोई जनहानि नहीं हुई है। जहां आग लगी है उस क्षेत्र की चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है। बताया जा रहा है कि 30-35 मिनट में फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया है। आग किस वजह से लगी है ये अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
बताया जा रहा है कि महाकुंभ में 20 दिन में आग लगने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले सेक्टर- 22 और सेक्टर 19 में आग लग चुकी है और दोनों ही घटना में जनहानि नहीं हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार SP सिटी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया- आग पर काबू पा लिया गया है। अब कूलिंग का काम जारी है। पंडाल में पर्दे लगे हुए थे। इस वजह से आग तेजी से फैली। सूचना मिलते ही टीम पहुंची और आग को बुझाया दिया गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

चीफ फायर ऑफिसर प्रमोद शर्मा ने बताया कि आग इस्कॉन क्षेत्र में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिससे 20 से 22 टेंट जल गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। दमकलकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई कर आग को फैलने से रोक लिया। घटना की जानकारी मिलते ही उत्तरी झूसी के जोनल पुलिस ऑफिसर, एडिशनल एसपी सर्वेश कुमार मिश्रा, स्थानीय पुलिस और मेला मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अधिकारियों को सूचित करें।
131.48 करोड़ के वाहन व उपकरणों को किया गया डिप्लॉय
महाकुम्भ में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए इस बार योगी सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में 50 फायर स्टेशन और 20 फायर पोस्ट बनाए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 4,300 फायर हाइड्रेंट तैनात किए गए हैं। महाकुम्भ को अग्नि दुर्घटना रहित क्षेत्र बनाने के लिए योगी सरकार ने विभाग को 66.75 करोड़ का बजट आवंटित किया है, जबकि विभागीय बजट 64.73 करोड़ है। इस प्रकार, कुल 131.48 करोड़ रुपए की लागत से वाहन व उपकरणों को महाकुम्भ मेला में अग्नि जनित दुर्घटनाओं से सुरक्षा के लिए डिप्लॉय किया गया है। इतना ही नहीं अलग-अलग प्रकार के 351 से अधिक अग्निशमन वाहन और 2000 से अधिक ट्रेन्ड मैनपावर को डिप्लॉय किया गया है। प्रत्येक अखाड़ों के टेंट्स को फायर फाइटिंग इक्विप्मेंट्स से भी लैस किया गया है। यहीं नहीं, मेले की शुरुआत से पूर्व एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ दर्जनों मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया, जिसका हादसे को रोकने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।
