साइबर ठगों की शामत! पुलिस ने अपनाया अनोखा तरीका…

रिपोर्टर : हसीन अंसारी

गाजीपुर में पुलिस ने साइबर अपराधों से आम लोगों को बचाने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। जिले में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों को देखते हुए पुलिस अब भोजपुरी गीतों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है। यह तरीका न केवल प्रभावी साबित हो रहा है, बल्कि लोगों के बीच काफी लोकप्रिय भी हो रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित कैंपों में पुलिस विभाग की यह पहल लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है और इसका सकारात्मक असर भी देखने को मिल रहा है।

भोजपुरी गीतों से बढ़ रही लोगों की समझ:
पुलिस ने पारंपरिक तरीकों से हटकर भोजपुरी भाषा का सहारा लेकर साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया है। भोजपुरी गीतों के माध्यम से पुलिस यह संदेश दे रही है कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध कॉल से सतर्क रहें। पुलिस की यह पहल स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव बनाते हुए लोगों के बीच आसानी से संदेश पहुंचा रही है।

सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जा रहे जागरूकता कैंप:
पुलिस विभाग ने जिले के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और चौराहों पर जागरूकता कैंप लगाकर लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के तरीके बताए हैं। इन कैंपों में लोगों को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया जा रहा है कि ठग किस तरह लोगों को झांसे में लेते हैं और कैसे सतर्क रहकर उनसे बचा जा सकता है।

स्थानीय भोजपुरी कलाकारों की मदद से चल रहा अभियान:
गाजीपुर पुलिस ने इस मुहिम को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय भोजपुरी गायकों की मदद ली है। इन गायकों ने ऐसे गीत तैयार किए हैं, जिनमें साइबर अपराधों से बचने के संदेश बेहद सरल भाषा में दिए गए हैं। गीतों में यह बताया गया है कि “फोनवा पर मत बतइहा ओटीपी, बैंकवा के बात मत करिहा पीपी” जैसी पंक्तियों से आम जनता आसानी से जुड़ रही है।

हर थाना क्षेत्र में पहुंच रहा अभियान:
यह अभियान जिले के सभी थाना क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान नागरिकों को यह बताया जा रहा है कि साइबर ठगी से बचने के लिए तकनीकी जानकारी के साथ-साथ सावधानी बेहद जरूरी है।

पुलिस अधिकारी ने बताया जागरूकता का महत्व:
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ज्ञानेंद्र प्रसाद (Gyanendra Prasad) ने बताया कि साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों से आम लोग अक्सर धोखे में आ जाते हैं। इसलिए पुलिस ने निर्णय लिया कि स्थानीय भाषा और लोक संस्कृति का उपयोग करते हुए सीधे लोगों तक यह संदेश पहुँचाया जाए। उनका कहना है कि इस तरह के अभियानों से ग्रामीण क्षेत्रों तक जागरूकता पहुँच रही है और लोग अब सतर्क हो रहे हैं।

लोगों पर दिखा असर:
भोजपुरी गीतों के जरिये चलाया जा रहा यह अभियान लोगों के बीच काफी असरदार साबित हो रहा है। कैंपों में लोग न केवल गीतों को सुन रहे हैं, बल्कि पुलिस के बताए गए सुरक्षा सुझावों का पालन करने का भी संकल्प ले रहे हैं। इस पहल से पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित हुआ है।

निष्कर्ष:
गाजीपुर पुलिस की यह पहल दिखाती है कि यदि जागरूकता अभियान स्थानीय भाषा और संस्कृति के साथ जोड़ा जाए तो उसका असर कहीं अधिक गहरा होता है। भोजपुरी गीतों के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश न केवल मनोरंजक तरीके से दिया जा रहा है, बल्कि यह लोगों के जीवन में व्यवहारिक बदलाव भी ला रहा है।


#Tags: #GhazipurPolice #CyberCrimeAwareness #BhojpuriCampaign

डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है।

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading