सिपाही का शव देखने के लिए हाथ जोड़ती रही महिला:बोली- मैं पत्नी हूं, आखिरी बार मिलने दो; रामपुर में फंदे से लटककर जान दी थी

रामपुर में गुरुवार 27 अगस्त को हेड कॉन्स्टेबल अरुण शुक्ला (40) की मौत के बाद उस समय स्थिति असहज हो गई, जब एक महिला पुलिसकर्मी मौके पर पहुंची और अरुण को अपना पति बताते हुए आखिरी बार उनका चेहरा देखने की गुहार लगाने लगी। महिला बार-बार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से ऊपर जाने देने की अपील करती रही। उसने दावा किया कि उसकी और अरुण की शादी आर्य समाज मंदिर में हुई थी। मौके पर पहुंचे एसपी अनिल सिंह सिसोदिया (Anil Singh Sisodia) ने महिला से कुछ देर पूछताछ की, जिसके बाद पुलिस उसे अपने साथ ले गई।

दोस्त बुलाने पहुंचा, तो बंद मिला दरवाजा:

अरुण शुक्ला वर्ष 2005 बैच के सिपाही थे और 6 फरवरी 2026 से रामपुर के SP Office (एसपी कार्यालय) में तैनात थे। वह आवास विकास कॉलोनी में किराए के मकान की पहली मंजिल पर रहते थे। गुरुवार शाम करीब सात बजे उनका दोस्त नितिन उन्हें बैडमिंटन खेलने के लिए बुलाने पहुंचा। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

इसके बाद नितिन ने अरुण को फोन किया, लेकिन फोन भी नहीं उठा। इस पर उसने मकान मालिक से संपर्क किया और गेट खुलवाया। अंदर बेडरूम में अरुण का शव बेडशीट के सहारे पंखे से लटका मिला। घटना के समय मकान में अरुण के अलावा कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। सूचना मिलने के बाद पुलिस बल और अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा शव को नीचे उतरवाया गया। अरुण के परिवार को भी घटना की जानकारी दी गई।

शाहजहांपुर से बरेली रहने लगा था परिवार:

अरुण का परिवार मूलरूप से शाहजहांपुर का रहने वाला था। उनके पिता श्रीकृष्ण कुमार शुक्ला भी पुलिस विभाग में कार्यरत थे और अब उनकी मौत हो चुकी है। अरुण की मां अपने बड़े बेटे अनिल के परिवार के साथ बरेली में रहती हैं। उनकी दो बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।

अरुण की शादी वर्ष 2012 में सुकीति से हुई थी। सुकीति के पिता भी पुलिस विभाग में हैं। अरुण और सुकीति का एक 11 वर्षीय बेटा है।

बेटे के जन्म के बाद शुरू हुआ विवाद:

जानकारी के अनुसार, बेटे के जन्म के करीब एक साल बाद अरुण और सुकीति के बीच विवाद शुरू हो गया था। परिवार के लोगों ने दोनों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन बाद में सुकीति पीलीभीत स्थित अपने मायके में रहने लगीं। बेटा भी उनके साथ रहता था।

पिछले वर्ष अरुण और सुकीति का तलाक हो गया था। हालांकि, सुकीति इस फैसले से सहमत नहीं थीं और उन्होंने तलाक के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। इस मामले में सुनवाई चल रही थी।

एसपी के पहुंचते ही मौके पर आई महिला:

रात करीब साढ़े नौ बजे एसपी अनिल सिंह सिसोदिया घटनास्थल पर पहुंचे। वह उस कमरे में गए, जहां अरुण का शव मिला था। इसी दौरान पीला टॉप और काली पैंट पहने एक महिला हड़बड़ाते हुए मौके पर पहुंची। उसने ऊपर जाने की कोशिश की और वहां मौजूद लोगों से अरुण के कमरे तक जाने देने की अपील की।

महिला ने हाथ जोड़कर भी पुलिसकर्मियों से आग्रह किया। वह लगातार ऊपर जाने की कोशिश कर रही थी। इसी बीच एसपी भी कमरे से नीचे की ओर आ रहे थे। एक पुलिसकर्मी ने महिला को ऊपर जाने से रोका। इसके बाद एसपी ने महिला से कुछ देर बातचीत कर पूछताछ की।

महिला ने बताया, अरुण से हो चुकी है शादी:

महिला लगातार खुद को अरुण की पत्नी बताते हुए ऊपर जाने देने की मांग कर रही थी। उसने पुलिस अधिकारियों से कहा कि अरुण उसके पति थे और दोनों की आर्य समाज मंदिर में शादी हुई थी। वह आखिरी बार अरुण को देखना चाहती थी।

एसपी को अरुण और उनकी पत्नी के बीच चल रहे तलाक के मामले की जानकारी थी। इसी वजह से महिला को ऊपर जाने की अनुमति नहीं दी गई। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे अपने वाहन में बैठाया और सिविल लाइंस थाने भेज दिया।

पुलिस वाहन से महिला को थाने भेजा गया:

रात होने के कारण कुछ समय बाद महिला को महिला थाने भेज दिया गया। एसपी अनिल सिंह सिसोदिया ने महिला के संबंध में विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया। उन्होंने केवल इतना बताया कि महिला भी पुलिसकर्मी है और मुरादाबाद में तैनात है।

28 अगस्त की सुबह महिला को दोबारा सिविल लाइंस थाने लाया गया। यहां उससे पूछताछ की गई। इसके बाद एक काले रंग की स्कॉर्पियो से दरोगा और कुछ पुलिसकर्मी उसे लेकर मुरादाबाद रवाना हो गए।

कुछ लोगों ने पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर दावा किया कि महिला आर्य समाज मंदिर में शादी होने की बात कह रही थी। हालांकि, शादी कब हुई और वह अरुण को कब से जानती थी, इसकी जानकारी उनके द्वारा नहीं बताई गई। वहीं, कुछ लोगों ने अरुण और महिला के बीच लंबे समय से संबंध होने का दावा भी किया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बताया गया कि घटना वाले दिन भी दोनों के बीच विवाद हुआ था और अरुण ने आत्महत्या करने की बात कही थी। इसके बाद अरुण ने बेडशीट से फंदा बनाकर जान दे दी। महिला को किसी अनहोनी की आशंका हुई और वह जानने वालों में सबसे पहले मौके पर पहुंची।

मां और परिवार के साथ रामपुर पहुंचा बड़ा भाई:

पुलिस ने अरुण की मौत की जानकारी उनके परिवार को दी। इसके बाद उनके बड़े भाई अनिल अपनी मां और बहन-बहनोई के साथ रामपुर पहुंचे। रक्षाबंधन से एक दिन पहले भाई की मौत की खबर से बहन का रो-रोकर बुरा हाल था।

पुलिस ने रात करीब ढाई बजे शव का पोस्टमॉर्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार के लोग शव लेकर बरेली रवाना हो गए।

पुलिस ने सभी बिंदुओं पर जांच की बात कही:

एडिशनल एसपी अनुराग सिंह (Anurag Singh) ने बताया कि अरुण के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई है। पुलिस घटना से जुड़े सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।

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