प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट, इस महीने का बिल आठ प्रतिशत कम आएगा; जानें वजह

उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए सितंबर माह में राहत की खबर है। प्रदेश के उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 7.93 प्रतिशत की कमी होगी। इस संबंध में पावर कॉरपोरेशन ने आदेश जारी कर दिया है। इस कमी से प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर करीब 604 करोड़ रुपये का फायदा होने की उम्मीद है। सितंबर माह के लिए ईंधन एवं बिजली खरीद समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) में 7.93 प्रतिशत की कमी लागू करने का आदेश जारी किया गया है।

सितंबर के लिए 7.93 प्रतिशत कमी का आदेश जारी:

पावर कॉरपोरेशन की ओर से सितंबर माह के लिए एफपीपीएएस में 7.93 प्रतिशत की कमी का आदेश जारी किया गया है। इसका असर बिजली उपभोक्ताओं के बिल पर पड़ेगा और उन्हें पहले की तुलना में कम राशि का भुगतान करना होगा। इस कमी को प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा (Awadhesh Kumar Verma) ने बताया कि सितंबर माह के लिए एफपीपीएएस में 7.93 प्रतिशत की कमी का आदेश जारी हो चुका है। उनके अनुसार, इसका सीधा लाभ बिजली उपभोक्ताओं को उनके बिजली बिल में मिलेगा।

जुलाई और अगस्त में भी मिली थी राहत:

एफपीपीएएस में कमी का सिलसिला पिछले दो महीनों से भी जारी है। इससे पहले जुलाई माह में बिजली उपभोक्ताओं को 4.43 प्रतिशत की कमी का लाभ मिला था। इसके बाद अगस्त माह में एफपीपीएएस में 2.92 प्रतिशत की कमी की गई थी।

अब सितंबर माह में यह राहत बढ़कर 7.93 प्रतिशत हो गई है। इस तरह जुलाई और अगस्त के बाद सितंबर में भी बिजली उपभोक्ताओं को एफपीपीएएस के स्तर पर राहत मिलने जा रही है। सितंबर की कमी के कारण उपभोक्ताओं को करीब 604 करोड़ रुपये का लाभ मिलने की उम्मीद है।

वास्तविक बिजली खरीद लागत के आधार पर हो समायोजन:

विद्युत नियामक आयोग ने एफपीपीएएस की गणना को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुसार समायोजन संबंधित अवधि की वास्तविक विद्युत क्रय लागत और अनुमन्य ट्रांसमिशन शुल्क के आधार पर किया जाना चाहिए।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का कहना है कि एफपीपीएएस की गणना में केवल उसी अवधि की वास्तविक बिजली खरीद लागत और अनुमन्य ट्रांसमिशन शुल्क को आधार बनाया जाना चाहिए, जिसके लिए समायोजन किया जा रहा है। इससे निर्धारित नियमों के अनुसार गणना सुनिश्चित की जा सकेगी।

604 करोड़ रुपये की राहत से उपभोक्ताओं को लाभ:

सितंबर माह में एफपीपीएएस में 7.93 प्रतिशत की कमी का सबसे सीधा असर बिजली बिलों पर पड़ेगा। पावर कॉरपोरेशन के आदेश के बाद उपभोक्ताओं को बिल में इस कमी का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे प्रदेशभर के बिजली उपभोक्ताओं को कुल करीब 604 करोड़ रुपये की राहत मिलने की बात कही गई है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने भी इस कमी को उपभोक्ताओं के हित से जोड़ते हुए कहा है कि नियामक आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार वास्तविक विद्युत खरीद लागत और अनुमन्य ट्रांसमिशन शुल्क के आधार पर ही समायोजन होना चाहिए। इससे बिजली बिल में की जाने वाली गणना निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप रहेगी।

लगातार तीसरे महीने कम हुआ एफपीपीएएस:

जुलाई में 4.43 प्रतिशत, अगस्त में 2.92 प्रतिशत और अब सितंबर में 7.93 प्रतिशत की कमी का आदेश जारी हुआ है। इस तरह लगातार तीन महीनों में एफपीपीएएस में कमी दर्ज की गई है। सितंबर में कमी का प्रतिशत पिछले दो महीनों की तुलना में अधिक है।

पावर कॉरपोरेशन के आदेश के बाद अब सितंबर माह के बिजली बिलों में उपभोक्ताओं को एफपीपीएएस की इस कमी का लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, विद्युत नियामक आयोग के निर्देशों के अनुसार वास्तविक लागत और अनुमन्य शुल्क के आधार पर समायोजन किए जाने पर उपभोक्ताओं को निर्धारित राहत का लाभ मिल सकेगा।

Disclaimer:

यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

#UPPCL #ElectricityBill #UttarPradesh #FPPAS #PowerConsumers

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading