शर्म से डूबा यूपी, जिम्मेदार कौन?
उत्तर प्रदेश में 10 जुलाई यानि रविवार को ब्लाक प्रमुख के चुनाव होने वाले हैं लेकिन उसके पहले ही राजनीति का गन्दा नाच उत्तर प्रदेश कि सडकों पर देखने को मिला. ब्लाक प्रमुख के नामांकन के दौरान जमकर हिंसा और फायरिंग की तस्वीरें सामने आयीं. सीतापुर से लेकर आजमगढ़ और गाजीपुर भी इस मामले में पीछे नहीं रहा.
इन तस्वीरों से इतना तो स्पष्ट हैं कि इस चुनाव के समर्थकों और नेताओं ने उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर पेश किया है. इस खबर से उन समर्थकों को अपनी छाती गर्व से चौड़ी कर लेनी चाहिए. जो ऐसी विचारधाराओं में विश्वास करते हैं. उन युवाओं को खुश होना चाहिए जो ऐसे इज्जतदार और सम्मानित टाइप के नेताओं जो इस तरह घटनाओं का विकास करते हैं हैं के पीछे झंडा लेकर घूमते हैं.
इस तरह की राजनीति में रूचि लेने वाले चाचा और मामाओं को नेताओं से डील करनी चाहिए कि बाबु हमरा लड़का जवान होते तोरे तोरे पीछे पीछे घूमेगा, तू जो कहोगे उहे करेगा, बस तू एके जीवन भर के लिए नौकरी पर रख लो और हर महीने तनख्वा, रिटायर होने के बाद पेंशन जरुर दे देना. सत्ता को भी इसपर त्वरित विचार करते हुए कानून बना देना चाहिए.
जब ऐसे लोगो की हरकतों का तमाशा सरकार देखते रहेगी तो इससे अच्छा सुझाव और क्या दूँ?
उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में ब्लाक प्रमुख के नामांकन के दौरान समर्थकों के लिए शायद अच्छी लेकिन पत्रकरिता के नज़र से ख़राब तस्वीरे सामने आई हैं . एक नज़र आजमगढ़ और गाजीपुर की तस्वीर पर.
आजमगढ़ जिले के पवई ब्लॉक पर भाजपाईयों ने जमकर तांडव मचाया। दो बजे तक सपा प्रत्याशी को नामांकन नहीं दाखिल करने दिया। इतना ही नहीं भाजपा विधायक अरूणकांत यादव ने स्वयं लाठी से सपा प्रत्याशी पर हमला कर दिया। जिससे उसका सिर फट गया। पुलिस ने लाठियां भांज कर भाजपाईयो को किसी तरह हटाया और सपा प्रत्याशी को अंदर पहुंचाया लेकिन प्रस्ताव डर कर भाग जाने से दो बजे तक सपा प्रत्याशी का नामांकन नहीं हो सका था। पवई ब्लॉक प्रमुख पद पर पूर्व सांसद रमाकांत यादव के छोटे पुत्र व भाजपा विधायक अरूणकांत यादव के छोटे भाई वरूणकांत यादव भाजपा प्रत्याशी हैं। सुबह 11 बजे वे ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचे और अपना दो सेट में नामांकन दाखिल किया। इसके बाद भाजपा विधायक अरूणकांत यादव सैकड़ों समर्थकों के साथ ब्लॉक से 100 मीटर की दूरी पर बैठ गए।
भाजपाईयों की पूरी तैयारी थी कि सपा प्रत्याशी ओंकार यादव को नामांकन न करने दिया जाए। ओंकार के साथ पूर्व विधायक श्याम बहादुर यादव भी मौके पर मौजूद थे लेकिन भाजपाईयों के उग्र तेवर को देखते हुए वे नामांकन करने ब्लॉक पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। साढ़े बारह बजे के लगभग एसडीएम रावेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। मौके का माहौल देख उन्होंने सीओ जितेंद्र कुमार को भी बुला दिया। इसके बाएं एसओ पवई सपा प्रत्याशी को लेकर नामांकन के लिए आगे बढ़े तो भाजपा विधायक अरूणकांत व प्रत्याशी वरूणकांत लाठी लेकर बीच सड़क पर आ गए। अरूणकांत ने सपा प्रत्याशी पर हमला कर दिया। जिससे उसका सिर फूट गया फिर क्या था। भाजपाईयों ने उन्हें लातघूसों से पीट दिया। भाजपाईयों के उग्र तेवर को देखते हुए सीओ ने भी लाठीचार्ज करा दिया, जिसके बाद भाजपाई पीछे हटे और पुलिसकर्मी सपा प्रत्याशी को लेकर ब्लॉक पर पहुंचे लेकिन डर से उसके प्रस्ताव भाग गए थे, जिससे दो बजे तक सपा प्रत्याशी का नामांकन नहीं हो सका था। इस बीच विधायक एक बार फिर समर्थकों के साथ ब्लॉक पर पहुंच गए और ब्लॉक परिसर में भी सपा प्रत्याशी के साथ मारपीट की।
बात करें कि गाजीपुर की तो मुहमदाबाद में ब्लाक प्रमुख के दो दावेदार आमने सामने हैं पहले उत्सव राय अप्पू और दुसरे हैं भाजपा के समर्थन से अवधेश राय हैं. अब मुकाबला इन दोनों के बीच का है. जानकारी के मुताबिक बुधवार की रात मुहमदाबाद पुलिस अदिलाबाद गाँव पहुंची और बीडीसी रिजवाना के पति मतलुम को पकड़ लिया और कोतवाली लेकर आई. बताया जा रहा है कि रिजवाना का समर्थन ब्लाक प्रमुख प्रत्यासी उत्सव राय के साथ है. आरोप है कि पुलिस ने मतलुम को भाजपा के समर्थन से मैदान में उतरे ब्लाक प्रमुख प्रत्यासी अवधेश राय की गाड़ी में बैठा कर कोतवाली लाया. इस घटना से नाराज ग्रामीणों की भीड़ भी पीछे पीछे थाने पहुँच गई. आरोप है कि ये सब वोट हथियाने के लिए किया गया है. आरोप है कि मतलुम की तरफ से मुहमदाबाद कोतवाली में तहरीर दी गई लेकिन पुलिस ने स्वीकार नहीं किया. पुलिस ने मतलुम को छोड़ दिया और ग्रामीणों को समझाबुझाकर वापस भेजा.
एक ऑनलाइन न्यूज़ माध्यम के अनुसार मोहम्दाबाद पुलिस ने स्वीकार किया है कि मतलुम नामक व्यक्ति को लाया गया था, उसके ऊपर राजनितिक रंजिश में गाली गलौज की शिकायत मिली थी, बाद में उसे छोड़ दिया गया.
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