लखनऊ: मतदाता सूची से नाम कटने पर पीएएसआई पार्टी ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
लखनऊ (Lucknow) में पब्लिक अधिकार सोशलिस्ट इंडियन पार्टी (Public Adhikar Socialist Indian Party) ने मतदाता सूची से कथित रूप से पात्र नागरिकों के नाम हटाए जाने और निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शरण प्रसाद (Shiv Sharan Prasad) के नेतृत्व में 4 नवंबर 2026 को जिलाधिकारी, लखनऊ के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई। पार्टी ने निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई सुझाव और मांगें भी रखीं।
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने पर जताई चिंता:
ज्ञापन में पार्टी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से कथित तौर पर पात्र नागरिकों के नाम मनमाने ढंग से हटाए जा रहे हैं। पार्टी ने इस मामले को मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए इसकी निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की।
पार्टी का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों और कथित वोट चोरी के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही मतदाता सूची में सामने आ रही कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जवाब और इस्तीफे की मांग:
पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) से भी निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की। इसके साथ ही पार्टी ने नैतिक आधार पर उनके इस्तीफे की मांग भी ज्ञापन में शामिल की।
पीएएसआई पार्टी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। पार्टी का मानना है कि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच उठ रहे सवालों का समाधान होना जरूरी है।
ज्ञापन में रखीं पांच प्रमुख मांगें:
पार्टी की ओर से राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें शामिल की गईं। इनमें निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई।
पार्टी ने मांग की कि उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में मतदाता सूची से हटाए गए नामों का विधानसभा क्षेत्र और मतदान केंद्र के अनुसार विवरण सार्वजनिक किया जाए। इसके अलावा जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं, उनकी निष्पक्ष समीक्षा कर उन्हें दोबारा मतदाता सूची में शामिल किया जाए।
ज्ञापन में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी रखी गई। साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराकर उसकी समयबद्ध रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई।
लोकतंत्र में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा पर जोर:
पब्लिक अधिकार सोशलिस्ट इंडियन पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया का निष्पक्ष और पारदर्शी होना आवश्यक है। प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से निर्वाचन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी और अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
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रिपोर्टर: संतोष कुमार