गाजीपुर। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए एम ए एच इंटर कॉलेज गाजीपुर में सर सैयद दिवस बहुत धूमधाम से मनाया गया। प्रोग्राम की शुरुआत कॉलेज के कॉमर्स टीचर जनाब मोइनुद्दीन साहब ने ईश्वर के 99 नामों से शुरू किया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शहर के माने जाने इतिहासकार अब्दुर्रहमान ने कहा की सर सैयद अहमद खान जब गाजीपुर में सब जज़ थे, तो उन्होंने 18 सो 63 में मदरसा विक्टोरिया के नाम से एक शैक्षिक संस्था की बुनियाद रखी थी जो भारत वर्ष का पहला स्कूल था जिसमें 5 भाषाओं में शिक्षा देने की व्यवस्था थी आज उस शैक्षणिक संस्था को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज महुआबाग गाज़ीपुर के नाम से जाना जाता है,सर सैयद ने गाजीपुर में यूरोप में पढ़ाई जाने वाली विषयों की पुस्तकों को भारतीय भाषाओं में अनुवाद किए जाने के लिए 18 सो 64 में साइंटिफिक सोसाइटी की बुनियाद रखी।
इस कार्यक्रम में बुजुर्ग शायर अनंत देव पांडे ने कहा कि महान शख्सियत सर सैयद अहमद खान के महान विचारों और कर्तव्य पालन को हम अपने जीवन में उतारकर अच्छे समाज को कायम कर सकते हैं।
कॉलेज के प्रबंधक एडवोकेट हाजी मो. वारिश हसन खां ने कहा कि सर सैयद ने अपने कायम के दौरान साइंटिफिक सोसायटी विक्टोरिया स्कूल कचहरी वाली मस्जिद का निर्माण कराया था प्रमोद ने यह भी कहा कि सैयद खान के दोनों बेटों ने राजकीय सिटी इंटर कॉलेज जिस का पुराना नाम जर्मन मिशन हाई स्कूल है से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की थी।
प्रधानाचार्य खाली आमिर ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के संस्थाओं को भारत रत्न मिलना चाहिए। पंडित मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न दिया जा चुका है, आधुनिक शिक्षा के प्रेरणा सर सैयद अहमद खान को भी भारत रत्न दिए जाने की मांग प्रधानाचार्य ने समारोह में उठाई।
आखिर में अफीम फैक्ट्री के जनरल मैनेजर ने कहा कि इंसान को इल्म हासिल करने के साथ दूसरों से अच्छी से पेश आना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय के साथ अपने आप को बदलना जरुरी है तभी सशक्त समाज बनेगा।
समारोह में CVID 19 गाइडलाइन का पालन करते हुए सभी अतिथियों के साथ समर्पित शिक्षक व कर्मचारी मौजूद थे। साथ ही शायर एवं कवियों में खालिद गाजीपुरी, अहमद अज़ीज़, हंटर गाजीपुरी, बादशाह तारीक शहीदी, अनंत देव पांडे इत्यादि थे।
बड़े ही धूमधाम से मनाया गया आधुनिक शिक्षा की अलख जगाने वाले सर सैयद का जन्म दिवस