यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसा होते ही पहुंचेगा हेलीकॉप्टर, एक रुपये में मिलेगी जिंदगी बचाने की सुविधा
यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “संजीवनी बूटी मिशन” की पहल सामने आई है। इसी मिशन को लेकर Helmet Man of India (हेलमेट मैन ऑफ इंडिया) राघवेंद्र कुमार की टीम ने यमुना प्राधिकरण को ज्ञापन सौंपा। टीम का कहना है कि मिशन के लिए सरकार से आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आवश्यक अनुमति और सहयोग की अपेक्षा है।
गोल्डेन ऑवर में घायल तक पहुंचाने की पहल:
“संजीवनी बूटी मिशन” का उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को गोल्डेन ऑवर के दौरान तेजी से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। टीम के अनुसार, कई दुर्घटनाओं में सड़क मार्ग से अस्पताल पहुंचने में महत्वपूर्ण समय लग सकता है। ऐसे में हेलीकॉप्टर एंबुलेंस के माध्यम से घायल व्यक्ति को जल्द चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने की व्यवस्था किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।

Helmet Man of India (हेलमेट मैन ऑफ इंडिया) की टीम ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना के बाद समय बर्बाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हर सेकंड घायल व्यक्ति की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
यमुना प्राधिकरण को सौंपा गया ज्ञापन:
इस पहल को लेकर आज यमुना प्राधिकरण के सामने टीम की ओर से ज्ञापन सौंपा गया। यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अधिकारी IAS शैलेंद्र सिंह ने ज्ञापन प्राप्त किया और “संजीवनी बूटी मिशन” को ऐतिहासिक पहल बताया।
उन्होंने कहा कि आज उनका जन्मदिन भी है और इस शुभ अवसर पर इस तरह के ऐतिहासिक मिशन पर कार्य करने में खुशी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड खत्म होने के बाद हर सप्ताह सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित मदद के लिए कॉल आती रहती हैं, जहां कई बार वह भी खुद को मजबूर महसूस करते हैं।
तकनीकी व्यवस्था की दी गई जानकारी:
यमुना प्राधिकरण के सामने Helmet Man of India (हेलमेट मैन ऑफ इंडिया) की टीम ने विमानन से जुड़ी तकनीकी जानकारी भी प्रस्तुत की। डॉ. नवनीत ने मिशन से संबंधित तकनीकी पहलुओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
बताया गया कि डॉ. नवनीत को विमानन उद्योग में लगभग 25 वर्षों का अनुभव है और उन्होंने भारत सहित दुनिया के कई देशों में कठिन परिस्थितियों में 5,000 से अधिक लोगों के बचाव अभियानों में योगदान दिया है।

हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने की प्रस्तावित व्यवस्था:
पूरे मिशन के लिए हेलीकॉप्टर की उपलब्धता EMSOS Pvt Ltd के माध्यम से होने की बात कही गई। प्रस्ताव के अनुसार, एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन के टोल में से केवल एक रुपये के माध्यम से इस व्यवस्था को संचालित करने की योजना है। इसके अलावा किसी भी वाहन से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिए जाने की बात कही गई है।
मिशन से जुड़ी जमीन पर आवश्यक तैयारियों में हेलीपैड और DGCA से संबंधित जमीनी कार्यों की जिम्मेदारी भारतीय सेना में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके कर्नल मोहित गौण द्वारा दिए जाने की जानकारी दी गई।
सरकारी खजाने से आर्थिक सहायता नहीं मांगने की बात:
“संजीवनी बूटी मिशन” के तहत सरकार से आर्थिक सहायता नहीं मांगी गई है। टीम की ओर से केवल अनुमति और सहयोग की मांग रखी गई है, ताकि यमुना एक्सप्रेसवे पर किसी व्यक्ति की जिंदगी खतरे में होने की स्थिति में उसे बचाने के लिए हेलीकॉप्टर घटनास्थल तक पहुंचाया जा सके।
टीम का कहना है कि इस पहल को सरकारी राजस्व पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना संचालित करने की योजना है। इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना और अस्पताल पहुंचने में लगने वाले महत्वपूर्ण समय को कम करना है।
दुर्घटना-प्रवण स्थानों पर तेजी से पहुंचने का लक्ष्य:
मिशन के तहत डीपीआर में चिन्हित दुर्घटना-प्रवण स्थानों पर घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने पर जोर दिया गया है। टीम ने हेलीकॉप्टर की उपलब्धता, संचालन व्यवस्था, जमीन पर जरूरी तैयारी और बचाव प्रणाली से जुड़ी पूरी कार्ययोजना प्राधिकरण के सामने प्रस्तुत की।
कर्नल मोहित गौण ने कहा कि सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ अब सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के खिलाफ भी लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है। यमुना एक्सप्रेसवे पर हेलीकॉप्टर सेवा केवल एक रुपये में आम जनता को उपलब्ध कराने की पहल को उन्होंने गर्व की बात बताया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पवन द्विवेदी, सिद्धि विनायक, श्रेया सिंह, 7x ओमप्रकाश और नन्द किशोर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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