लखनऊ: कथक गुरु पंडित अर्जुन मिश्रा की पुण्यतिथि पर सजी नृत्यांजलि, महिषासुर मर्दिनी की प्रस्तुति ने मोहा मन
लखनऊ। लखनऊ घराने के प्रख्यात कथक गुरु, कलाकार और कोरियोग्राफर स्वर्गीय पंडित अर्जुन मिश्रा की पुण्यतिथि पर 22 अक्टूबर 2026 को कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में भव्य कथक नृत्यांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। शाम 6:30 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की। पंडित अनुज अर्जुन मिश्रा और नेहा सिंह सेंगर मिश्रा की कोरियोग्राफी में प्रस्तुत नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिषासुर मर्दिनी और चतुरंग की प्रस्तुतियां कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहीं।
गुरु वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ:
कार्यक्रम की शुरुआत अनुज मिश्रा कथक अकादमी के वरिष्ठ और कनिष्ठ विद्यार्थियों की गुरु वंदना से हुई। इस प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने गुरु के प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की। इसके बाद तीन ताल में विलंबित और मध्य लय की प्रस्तुतियों ने कथक की पारंपरिक शैली को मंच पर जीवंत किया। कलाकारों के पद संचालन, भाव-भंगिमाओं और लयकारी के तालमेल ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया।
पंडित अर्जुन मिश्रा के योगदान को किया याद:
स्वर्गीय पंडित अर्जुन मिश्रा लखनऊ घराने के प्रतिष्ठित कथक गुरु, कलाकार और कोरियोग्राफर थे। उन्होंने कथक की इस पारंपरिक शैली को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज और पंडित रामनारायण के शिष्य रहे थे। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित नृत्यांजलि उनके कला-साधना और सांस्कृतिक योगदान को याद करने का अवसर बनी।
पंडित अनुज अर्जुन मिश्रा ने किया नेतृत्व:
कार्यक्रम का नेतृत्व पंडित अर्जुन मिश्रा के सुपुत्र पंडित अनुज अर्जुन मिश्रा ने किया। उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और उस्ताद बिस्मिल्लाह खां पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अपनी पत्नी और नृत्यांगना नेहा सिंह सेंगर मिश्रा के साथ मिलकर कार्यक्रम की विभिन्न प्रस्तुतियों की कोरियोग्राफी की। दोनों की कलात्मक परिकल्पना और कलाकारों के बीच तालमेल ने प्रस्तुतियों को प्रभावशाली बनाया।
महिषासुर मर्दिनी और चतुरंग ने बांधा समां:
कार्यक्रम में महिषासुर मर्दिनी और चतुरंग की प्रस्तुतियों ने विशेष आकर्षण पैदा किया। कलाकारों ने नृत्य के माध्यम से भाव, लय और अभिव्यक्ति का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। कोरियोग्राफी और समूह प्रस्तुतियों में कलाकारों के तालमेल ने दर्शकों को प्रभावित किया। कथक की पारंपरिक विशेषताओं के साथ मंच पर दिखाई गई कलात्मक अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम को यादगार बनाया।
अनुज मिश्रा कथक अकादमी की विशेष पहल:
पंडित अर्जुन मिश्रा की स्मृति में प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी अनुज मिश्रा कथक अकादमी की ओर से विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गुरु की स्मृतियों को संजोने के साथ कथक की परंपरा को मंच के माध्यम से प्रस्तुत करना रहा। इसमें अकादमी के वरिष्ठ और कनिष्ठ विद्यार्थियों की भागीदारी ने गुरु-शिष्य परंपरा की निरंतरता को भी दर्शाया।
लखनऊ के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में आयोजित इस कथक नृत्यांजलि के माध्यम से कलाकारों ने पंडित अर्जुन मिश्रा को श्रद्धांजलि दी। गुरु वंदना से लेकर महिषासुर मर्दिनी और चतुरंग तक की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।
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रिपोर्टर: संतोष कुमार