गाजीपुर में प्रशासक व्यवस्था के बीच विकास कार्यों पर मंथन, सीडीओ आलोक प्रसाद ने की बैठक
गाजीपुर (Ghazipur) में ग्राम प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों में प्रशासक व्यवस्था लागू है। इस बीच ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार करने और उन्हें धरातल पर उतारने को लेकर जिला प्रशासन ने पहल की है। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ खुली बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं, विकास कार्यों की प्राथमिकताओं और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं पर चर्चा की गई।
प्रशासक व्यवस्था के बीच विकास कार्यों पर मंथन:
ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद विकास कार्यों की योजना बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में बदलाव आया है। ऐसे में जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं और विकास की जरूरतों को समझने के लिए जनप्रतिनिधियों से सुझाव ले रहा है। गाजीपुर में आयोजित बैठक का उद्देश्य भी ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार करने पर विचार करना रहा।
ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने रखीं समस्याएं:
मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में कराए जाने वाले विकास कार्यों की कार्ययोजनाओं और स्थानीय जरूरतों के बारे में जानकारी दी। बैठक में इन सुझावों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने और संबंधित समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई।
आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण पर चर्चा:
बैठक के दौरान जनसुनवाई प्रणाली आईजीआरएस (IGRS) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण का मुद्दा भी उठाया गया। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायतों के समाधान तथा विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही स्कूलों में कायाकल्प योजना के तहत कराए जाने वाले कार्यों को लेकर भी सुझाव लिए गए। बैठक में सामने आई समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
कार्ययोजना तैयार होने के बाद होते हैं विकास कार्य:
मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने बताया कि ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए पहले कार्ययोजना तैयार की जाती है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित कार्यों को पूरा कराया जाता है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पहले की तरह खुली बैठकें आयोजित करने में कठिनाइयां आ रही हैं। ऐसी स्थिति में जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेकर विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने का प्रयास किया जा रहा है।
अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश:
सीडीओ आलोक प्रसाद ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में सामने आई समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने नियमानुसार शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करने और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। बैठक में मिले सुझावों के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
ग्रामीण विकास कार्यों की गति बनाए रखने पर जोर:
प्रशासक व्यवस्था के बीच जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की योजना और क्रियान्वयन को जारी रखना है। बैठक में जनप्रतिनिधियों के सुझावों और स्थानीय समस्याओं को सामने लाकर उनके समाधान की दिशा में चर्चा की गई। अब बैठक में उठाए गए मुद्दों और शिकायतों पर संबंधित विभागों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
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रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी