उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विधान परिषद में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) के अभिभाषण पर पारित धन्यवाद प्रस्ताव को औपचारिक रूप से राज्यपाल को सौंपा गया। इस अवसर पर विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह (Kunwar Manvendra Singh) ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की और परिषद की ओर से कृतज्ञता व्यक्त की। यह प्रस्ताव राज्य विधान मंडल के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण के संदर्भ में पारित किया गया था।

राज्यपाल द्वारा 09 फरवरी 2026 को राज्य विधान मंडल के दोनों सदनों के समक्ष अभिभाषण प्रस्तुत किया गया था, जिसमें प्रदेश सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और सुशासन की नीतियों का उल्लेख किया गया था। इसी अभिभाषण के प्रति विधान परिषद ने धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर अपनी सहमति और आभार व्यक्त किया।
विधान परिषद में पारित हुआ प्रस्ताव:
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 16 फरवरी 2026 को आयोजित बैठक में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद धन्यवाद प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने इसी प्रस्ताव की प्रति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को सौंपते हुए परिषद की ओर से सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की।
धन्यवाद प्रस्ताव में कहा गया कि सदन राज्यपाल के उस अभिभाषण के लिए कृतज्ञतापूर्वक धन्यवाद ज्ञापित करता है, जो उन्होंने राज्य विधान मंडल के दोनों सदनों के समवेत सत्र में दिया था। प्रस्ताव के माध्यम से परिषद ने राज्यपाल के संबोधन को प्रदेश की नीतियों और विकास दृष्टि का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।
अभिभाषण को बताया विकास का मार्गदर्शक:
इस अवसर पर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण में प्रदेश सरकार की विकासोन्मुखी सोच और जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक दृष्टिकोण सामने आया है। उन्होंने कहा कि अभिभाषण में सुशासन, विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़ी नीतियों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया, जो प्रदेश की प्रगति और समृद्धि के लिए मार्गदर्शक साबित होंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों और योजनाओं का उल्लेख अभिभाषण में प्रभावी तरीके से किया गया था। इससे प्रदेश के विकास की दिशा और सरकार की प्राथमिकताओं की झलक मिलती है।
राजभवन में हुई शिष्टाचार भेंट:
राजभवन में आयोजित इस औपचारिक मुलाकात के दौरान सभापति और राज्यपाल के बीच प्रदेश के समग्र विकास, लोकतांत्रिक परंपराओं और विधान परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर भी चर्चा हुई। यह मुलाकात संवैधानिक परंपराओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें सदन की ओर से राज्यपाल के अभिभाषण के प्रति औपचारिक आभार प्रकट किया जाता है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस कार्यक्रम को राज्य की संसदीय परंपराओं के निर्वहन के रूप में देखा जा रहा है। विधान परिषद द्वारा पारित धन्यवाद प्रस्ताव को राज्यपाल को सौंपना संवैधानिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
प्रदेश की योजनाओं पर रहा फोकस:
राज्यपाल के अभिभाषण में प्रदेश सरकार की विभिन्न जनहित योजनाओं, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक सुधारों का उल्लेख किया गया था। सभापति ने कहा कि अभिभाषण में प्रस्तुत नीतियां प्रदेश को विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाने वाली हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचाना और प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। विधान परिषद ने भी अभिभाषण में प्रस्तुत विचारों को सकारात्मक और दूरदर्शी बताया।
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