उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश में चीनी के मौजूदा भंडार, बाजार में उपलब्धता और आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य में चीनी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और आमजन को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को चीनी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर चीनी मिलों का संचालन 15 अक्टूबर से शुरू करने के भी निर्देश दिए गए।
चीनी के पर्याप्त भंडार की दी गई जानकारी:
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों के पास 23.60 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है।
बैठक में यह भी बताया गया कि जून और जुलाई के दौरान चीनी मिलों ने 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की। बिक्री के बाद भी अधिकांश चीनी खुले बाजार में उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू कराया जाए, जिससे बाजार में चीनी की आपूर्ति प्रभावित न हो।
कालाबाजारी और अफवाहों पर कार्रवाई के निर्देश:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी की कमी को लेकर फैलने वाली अफवाहों से लोगों को सावधान रहने की अपील की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चीनी की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में भारत सरकार के निर्देशों के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसके अनुसार कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी भंडार नहीं रख सकेगा। एक समय में 400 टन से अधिक स्टॉक रखने की भी अनुमति नहीं होगी।
वहीं, जिन थोक उपभोक्ताओं की मासिक खपत 10 मीट्रिक टन है, वे 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। चीनी मिलों को भी अपने मासिक कोटे के तहत बेची गई चीनी को बिक्री की तारीख से सात दिन से अधिक समय तक गोदाम में रखने की अनुमति नहीं होगी।
जिलाधिकारियों को गोदामों के सत्यापन के निर्देश:
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में पंजीकृत चीनी मिलों के साथ थोक और फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोदामों में उपलब्ध चीनी के वास्तविक स्टॉक की स्थिति की जानकारी ली जाए।
निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक या जमाखोरी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार निगरानी रखने को भी कहा।
कीमतों और आपूर्ति पर लगातार निगरानी:
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी जिले में चीनी की कालाबाजारी या कीमतों में अनुचित बढ़ोतरी की स्थिति सामने आने पर तत्काल शासन को अवगत कराया जाए। उन्होंने बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न होने देने पर जोर दिया।
समीक्षा के दौरान चीनी के भंडार और बाजार में उपलब्धता की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में फिलहाल चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है।
48 लाख किसानों को हुआ गन्ना मूल्य भुगतान:
बैठक में पेराई सत्र 2026-27 को लेकर भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इस सत्र में प्रदेश में करीब 28.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती संभावित है। इससे करीब 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।
प्रदेश में हर महीने लगभग चार लाख टन चीनी की खपत होती है। वहीं, पेराई सत्र 2025-26 के दौरान 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है।
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