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हनीमून मनाने मेघालय गए इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या उनकी पत्नी ने ही कराई थी। उसने यूपी के गाजीपुर में सरेंडर किया है। वारदात में शामिल तीन हमलावरों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। हमलावर मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। एक आरोपी की तलाश जारी है। मेघालय के CM कोनराड सांगमा ने X पर पोस्ट करके यह जानकारी दी है।

मीडिया से बात करते हुए सोनम के पिता देवीसिंह ने बताया- रात करीब 2 बजे सोनम गाजीपुर के एक ढाबे पर पहुंची थी। यहां ढाबे वाले से कहकर भाई गोंविद को कॉल किया। गोविंद ने गाजीपुर से अपने परिचित को वहां भेजा। इसके बाद उन्होंने सोनम से फोन पर बात कराई।
वहीँ खबर के अनुसार गाजीपुर एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सोनम रघुवंशी को गाजीपुर में नंदगंज के एक ढाबे पर बेहोश हालत में पाया गया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। यह मामला दूसरे प्रदेश से जुड़ा हुआ है इसलिए जब तक वहां की पुलिस नहीं आती, कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।
खबर के अनुसार शिलॉन्ग के एक गाइड ने दावा किया था कि जिस दिन राजा और सोनम लापता हुए, उस दिन उनके साथ तीन अन्य युवक भी थे। मावलाखियात के गाइड अल्बर्ट पैड ने पुलिस को बताया था कि राजा और सोनम को तीन पर्यटकों के साथ 23 मई सुबह 10 बजे नोंग्रियात से मावलाखियात के बीच देखा गया। अल्बर्ट ने कहा कि वह इंदौर के दंपती को पहचानते हैं, क्योंकि उन्होंने एक दिन पहले उन्हें नोंग्रियात तक चढ़ने के लिए अपनी सेवाएं देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया था। उन्होंने दूसरे गाइड वानसाई को की सेवाएं ली थीं। उन्होंने बताया कि चारों आगे चल रहे थे, जबकि सोनम पीछे थी। वे चारों हिंदी में बात कर रहे थे। लेकिन मैं समझ नहीं पाया कि वे क्या बोल रहे थे, क्योंकि मैं केवल खासी और अंग्रेजी ही जानता हूं। उन्होंने बताया कि उन लोगों ने शिपारा होम स्टे में रात बिताई और अगले दिन बिना गाइड के ही लौट आए।
राजा और सोनम रघुवंशी की शादी 11 मई को हुई थी। वे 20 मई को हनीमून के लिए शिलॉन्ग के लिए रवाना हुए। पहले उन्होंने गुवाहाटी में मां कामाख्या के दर्शन किए। यहां से 23 मई को मेघालय के शिलॉन्ग रवाना हुए। शुरुआत में परिवार की दोनों से बात होती रही, फिर संपर्क टूट गया। राजा के भाई विपिन ने बताया कि 24 मई से दोनों के मोबाइल बंद हो गए तो चिंता होने लगी। मैं और सोनम के भाई गोविंद 25 मई को इंदौर से कार से भोपाल गए। वहां से फ्लाइट से दिल्ली और फिर गुवाहाटी पहुंचे। यहां से कार से शिलॉन्ग आए। फिर टैक्सी से सोरा गए। हमने वहां पहुंचते ही सर्चिंग शुरू कर दी। 2 जून को रजा रघुवंशी का शव खाई में मिला था।

