लखीमपुर: शारदा नदी का कहर, रूरा सुल्तानपुर में भारी तबाही; सपा नेता ने उठाए सवाल
लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) की गोला तहसील के रूरा सुल्तानपुर गांव में शारदा नदी (Sharda River) का तेज कटान ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट बन गया है। नदी की तेज धारा के चलते अब तक दो दर्जन से अधिक मकान नदी में समा चुके हैं। इसके अलावा सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि और उस पर खड़ी फसलें भी कटान की चपेट में आकर बर्बाद हो गई हैं। गांव के तीन मंदिरों में से दो मंदिर नदी में समा चुके हैं, जबकि एक अन्य मंदिर पर भी कटान का खतरा बना हुआ है। लगातार हो रहे भूमि कटान से ग्रामीणों के सामने अपने घर, खेती और आजीविका को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। दो दर्जन से अधिक मकान नदी में समाए:

गोला तहसील की ग्राम पंचायत रूरा सुल्तानपुर में शारदा नदी का कटान लगातार ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है। नदी की तेज धारा के कारण कई मकान इसकी चपेट में आ चुके हैं। दो दर्जन से अधिक मकानों के नदी में समा जाने से प्रभावित परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि के कटने से खेती पर निर्भर ग्रामीणों की आजीविका भी प्रभावित हुई है। खेतों में खड़ी फसलें नष्ट होने से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दो मंदिर नदी में समाए, एक पर मंडरा रहा खतरा:
कटान का असर गांव की धार्मिक संरचनाओं पर भी पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, गांव में मौजूद तीन मंदिरों में से दो मंदिर नदी में समा चुके हैं। वहीं, तीसरे मंदिर पर भी कटान का खतरा मंडरा रहा है। मकानों, मंदिरों और कृषि भूमि को हो रहे नुकसान के बीच ग्रामीणों को आशंका है कि कटान जारी रहने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। सपा प्रदेश सचिव ने प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा:
ग्रामीणों की समस्याओं का जायजा लेने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रदेश सचिव रेहान खान प्रभावित क्षेत्र पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर कटान प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी परेशानियों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों को मिल रही राहत व्यवस्था पर सवाल उठाए।
रेहान खान ने आरोप लगाया कि कटान से प्रभावित परिवारों को अपेक्षित सहायता नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि ग्रामीण एक तरफ अपने मकान और खेती की जमीन गंवा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें राहत मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित ग्रामीणों की मदद की। प्रशासन और सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग:
रेहान खान ने कहा कि शारदा नदी के कटान से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना और उनके मकानों तथा कृषि भूमि को बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने पलिया क्षेत्र में बाढ़ से पैदा हुए हालात का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, बाढ़ और नदी के कटान से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों की परेशानियों को कम किया जा सके। वर्ष 2027 में सरकार बनने पर मदद का आश्वासन:
सपा प्रदेश सचिव रेहान खान ने कहा कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बाढ़ और कटान से प्रभावित लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा। उन्होंने प्रभावित लोगों के बचाव और राहत के लिए काम करने की बात कही। कटान रोकने और राहत पहुंचाने की चुनौती:
रूरा सुल्तानपुर में शारदा नदी का कटान ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। दो दर्जन से अधिक मकानों, दो मंदिरों और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने पुनर्वास और आजीविका से जुड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। ग्रामीणों को राहत पहुंचाने और कटान पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
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रिपोर्टर: हर्ष गुप्ता