गाजीपुर: शिक्षा के मंदिर में अश्लीलता का खेल, तेरहवीं कार्यक्रम में बार बालाओं के ठुमकों पर बवाल

गाजीपुर (Ghazipur) के शादियाबाद (Shadiyabad) क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय हुसैनपुर बसेवा (Primary School Husainpur Basewa) का एक मामला चर्चा का विषय बन गया है। विद्यालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों की गरिमा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घटना को लेकर स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है तथा मामले की जांच की मांग की जा रही है।

A woman in a green traditional outfit performs a dance on stage at a cultural event, with a vibrant backdrop and audience visible in the background.

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी कैलाश पाल की माता की तेरहवीं के अवसर पर विद्यालय परिसर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान देर रात तक तेज ध्वनि में गीत-संगीत चलता रहा और नृत्य प्रस्तुतियां भी हुईं। इस कार्यक्रम से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई।

विद्यालय परिसर में आयोजन पर उठे सवाल:

घटना के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि विद्यालय परिसर में इस प्रकार के कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति किस स्तर से दी गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय बच्चों की शिक्षा और संस्कार का केंद्र होता है, इसलिए वहां होने वाले किसी भी आयोजन में मर्यादा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय परिसर का उपयोग केवल शैक्षणिक गतिविधियों और सामाजिक रूप से उपयुक्त कार्यक्रमों के लिए होना चाहिए। ऐसे में वायरल वीडियो के बाद विद्यालय प्रशासन और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी:

मामले को लेकर क्षेत्र के कई अभिभावकों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं, वहां होने वाली गतिविधियां समाज के लिए सकारात्मक संदेश देने वाली होनी चाहिए। घटना के बाद लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि यदि विद्यालय परिसर के उपयोग से संबंधित नियमों का उल्लंघन हुआ है तो इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

शिक्षा विभाग ने मांगी जानकारी:

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए खंड शिक्षा अधिकारी मनिहारी (Manihari) हेमवंत कुमार (Hemwant Kumar) ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक से संपर्क करने का प्रयास किया गया है, लेकिन अभी बातचीत नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

अधिकारी ने यह भी कहा कि संबंधित तथ्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के संबंध में आगे की जानकारी दी जाएगी। फिलहाल पूरे मामले को गंभीरता से देखा जा रहा है।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई:

घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को लेकर निगाहें बनी हुई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को लेकर जिम्मेदारी किसकी तय होती है। स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और शिक्षा संस्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

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Disclaimer:

यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

रिपोर्ट : सऊद अंसारी
ब्यूरो: हसीन अंसारी

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