मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना (Morena) में एक दर्दनाक रेल हादसे में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक मां और उसका मासूम बेटा भी शामिल हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रेन में मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह फैलने के बाद कुछ यात्री घबराकर ट्रेन से नीचे उतर गए। इसी दौरान वे दूसरी रेलगाड़ी की चपेट में आ गए, जिससे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों की पहचान मेरठ (Meerut) निवासी कंचन सिंह (Kanchan Singh) पत्नी मोहित सिंह, आगरा (Agra) के रुनकता निवासी शकुंतला सिंह (Shakuntala Singh) पत्नी भूरा सिंह, आगरा निवासी आफरीन (Afreen) पत्नी नदीम तथा चार वर्षीय असद (Asad) पुत्र नदीम खान के रूप में हुई है। आफरीन और असद मां-बेटे थे, जिनकी मौत से परिवार में शोक का माहौल है।
हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर हुआ हादसा:
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह हादसा उत्तर मध्य रेलवे (North Central Railway) के झांसी मंडल (Jhansi Division) के अंतर्गत हेतमपुर (Hetampur) और धौलपुर (Dholpur) स्टेशन के बीच हुआ। गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (Khajuraho-Udaipur Intercity Express) रविवार शाम करीब 4:15 बजे चेन पुलिंग के कारण बीच सेक्शन में रुक गई थी।
रेलवे प्रबंधन के मुताबिक ट्रेन के एक कोच में अलार्म चेन पुलिंग (ACP) की गई थी, जिसके चलते ट्रेन को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। इसी दौरान एक कोच में मोबाइल ब्लास्ट जैसी अफवाह फैल गई, जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया।
अफवाह से मची अफरा-तफरी:
ट्रेन रुकते ही कई यात्री घबराकर नीचे उतरने लगे। बताया गया कि मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा तेजी से फैल गई थी, जिसके कारण लोगों ने बिना स्थिति की पुष्टि किए ट्रेन छोड़ना शुरू कर दिया। अफरा-तफरी के माहौल में कुछ यात्री ट्रैक की ओर चले गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रियों में भय इतना अधिक था कि कई लोग अपनी सुरक्षा के लिए जल्दबाजी में ट्रेन से उतरकर दूसरी दिशा में भागने लगे। इसी दौरान कुछ यात्री पास की अप लाइन पर पहुंच गए।
दूसरी ट्रेन की चपेट में आए यात्री:
उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (Udaipur Intercity Express) से नीचे उतरे कुछ यात्री अप लाइन पर खड़े थे। उसी समय गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस (Firozpur-Seoni Patalkot Express) तेज गति से वहां से गुजर रही थी। ट्रैक पर मौजूद चार यात्री उसकी चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह घटना कुछ ही क्षणों में घटित हुई और आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले बड़ा हादसा हो चुका था।
यात्री ने बताई घटना की पूरी कहानी:
बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) से लौट रही यात्री पूजा ने बताया कि ट्रेन के भीतर मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह फैलते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी। चेन पुलिंग के बाद जैसे ही ट्रेन रुकी, लोग घबराकर नीचे उतरने लगे और कई यात्री ट्रैक की ओर भाग गए।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। इसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा:
मुरैना (Morena) के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा (Dharamraj Meena) ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। उस समय पुलिस की टीमें अन्य कार्रवाई में व्यस्त थीं, तभी एक ग्रामीण द्वारा ट्रेन रुकने और किसी घटना की सूचना दी गई।
उन्होंने बताया कि यह हादसा धौलपुर (Dholpur) और मुरैना (Morena) की सीमा क्षेत्र में हुआ। सभी शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए:
प्रशासन ने सभी मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले की पड़ताल में जुटे हुए हैं।
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