रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच जारी संघर्ष के बीच विक्ट्री डे (Victory Day) से पहले दोनों देशों ने अलग-अलग समय पर युद्धविराम की घोषणा कर दी है। इस फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। जहां एक ओर रूस ने सीमित अवधि के लिए सीजफायर का ऐलान किया है, वहीं यूक्रेन ने भी अपने स्तर पर युद्ध रोकने की बात कही है, हालांकि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए रखने की बात भी दोहराई है।
रूस का दो दिन का सीजफायर ऐलान:
रूस के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार और शनिवार के लिए युद्धविराम घोषित किया है। यह निर्णय द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी की हार की 81वीं वर्षगांठ के अवसर पर लिया गया है, जिसे रूस में विक्ट्री डे के रूप में मनाया जाता है। हालांकि, रूस ने स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि यदि इस दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होती है, तो यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) पर बड़ा मिसाइल हमला किया जा सकता है।
यूक्रेन की प्रतिक्रिया और शर्तें:
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने कहा कि उनका देश बुधवार रात 12 बजे से युद्धविराम का पालन करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस की किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। यूक्रेन ने इस ट्रूस की कोई निश्चित समय सीमा घोषित नहीं की है, जिससे स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।
विक्ट्री डे परेड में बदलाव:
इस बार मॉस्को (Moscow) के रेड स्क्वायर (Red Square) में आयोजित होने वाली विक्ट्री डे परेड में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। संभावित ड्रोन हमलों के खतरे को ध्यान में रखते हुए टैंक और भारी हथियारों को परेड में शामिल नहीं किया जाएगा। करीब दो दशकों में यह पहला मौका होगा जब यह परेड बिना बड़े सैन्य प्रदर्शन के आयोजित की जाएगी।
सुरक्षा कारणों से बढ़ी सतर्कता:
रूस ने कीव में रह रहे नागरिकों और विदेशी दूतावासों को शहर छोड़ने की चेतावनी भी जारी की है। सुरक्षा कारणों से कई शहरों में परेड कार्यक्रमों को सीमित या रद्द किया जा रहा है। यह कदम संभावित हमलों को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
सीजफायर की सीमित प्रभावशीलता:
इससे पहले भी रूस और यूक्रेन के बीच कई बार युद्धविराम की कोशिशें की गई हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में उनका प्रभाव सीमित ही रहा है। इस बार भी विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीजफायर अस्थायी राहत जरूर दे सकता है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए दोनों देशों के बीच ठोस वार्ता आवश्यक होगी।
विक्ट्री डे का महत्व:
विक्ट्री डे रूस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। इसे राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) देश की शक्ति और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करते हैं। ऐसे में इस दिन के आसपास लिए गए सैन्य और कूटनीतिक फैसले वैश्विक राजनीति पर भी असर डालते हैं।
#RussiaUkraineWar, #Ceasefire, #VictoryDay, #GlobalPolitics, #WorldNews
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।

