लखनऊ डीएम ने पूड़ी-सब्जी बांटी:सिलेंडर महंगा होने पर गन्ने के रस का भंडारा, कान पकड़कर बजरंगबली से माफी मांगी
ज्येष्ठ माह के पहले बड़े मंगल के अवसर पर राजधानी लखनऊ (Lucknow) में भक्ति, श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। आधी रात से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया, जो पूरे दिन जारी रहा। शहर के अलग-अलग इलाकों में हजारों श्रद्धालु बजरंगबली के दर्शन के लिए उमड़ पड़े और भंडारों के माध्यम से सेवा का भाव भी देखने को मिला।
मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़:
सोमवार रात 12 बजे के बाद से ही लखनऊ (Lucknow) के प्रमुख मंदिरों में पूजा-पाठ शुरू हो गया था। सुबह होते-होते श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। अलीगंज प्राचीन मंदिर, हनुमान सेतु, हनुमंतधाम, गुलाचीन और लेटे हनुमान मंदिर जैसे प्रमुख स्थलों पर दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। भक्त बजरंगबली के सामने हाथ जोड़कर और कान पकड़कर अपने दोषों के लिए क्षमा मांगते नजर आए।
शहरभर में 1000 से ज्यादा भंडारे आयोजित:
इस बड़े मंगल पर लखनऊ (Lucknow) में 1000 से अधिक स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया। नगर निगम (Municipal Corporation) में कुल 348 भंडारों का आधिकारिक पंजीकरण किया गया। अलग-अलग इलाकों में पूड़ी-सब्जी, शरबत, छाछ और अन्य प्रसाद वितरित किए गए। हजरतगंज क्षेत्र में एक युवक द्वारा 4 क्विंटल गन्ने के रस का भंडारा भी कराया गया, जिसमें बिना कॉमर्शियल सिलेंडर के सेवा कार्य किया गया।
विशेष आयोजन और जनसहभागिता:
कैसरबाग स्थित यूपी प्रेस क्लब (UP Press Club) में यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (UP Working Journalist Union) द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया, जहां जिलाधिकारी विशाख जी. ने स्वयं उपस्थित होकर पूड़ी वितरित की। मलिहाबाद के हिम्मत खेड़ा और नेशनल पीजी कॉलेज (National PG College) के सामने भी भंडारे आयोजित किए गए, जहां धार्मिक अनुष्ठान के बाद प्रसाद वितरण हुआ।
मुख्यमंत्री योगी का संदेश:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेशवासियों को बड़े मंगल की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हनुमानजी की तस्वीर साझा करते हुए प्रार्थना की कि सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। उनके संदेश में भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी की कृपा सभी पर बनी रहने की कामना व्यक्त की गई।
परंपरा और आस्था का संगम:
लखनऊ (Lucknow) में बड़े मंगल पर भंडारे की परंपरा वर्षों पुरानी मानी जाती है, जो समय के साथ और भी व्यापक रूप ले चुकी है। आज यह आयोजन केवल शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इसी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलती है।
#BadaMangal #Lucknow #HanumanBhakti #Bhandara #UPNews
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।