पुणे (Pune) के केतन अग्रवाल (Ketan Agrawal) हत्याकांड की जांच में पुलिस को ऐसे तथ्य मिले हैं, जिन्होंने मामले की पड़ताल को नया आयाम दिया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले की मुख्य आरोपी सिया गोयल (Siya Goyal) ने वारदात से पहले इंटरनेट पर इंदौर (Indore) के चर्चित राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) हत्याकांड से जुड़ी जानकारी तलाश की थी। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने यह भी सर्च किया था कि क्या पुलिस कस्टडी में महिलाओं के साथ मारपीट होती है। पुलिस के मुताबिक, यह जानकारी सिया के दोनों मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री से प्राप्त हुई है।
दूसरा मोबाइल भी पुलिस ने किया जब्त:
पुलिस दो दिन पहले सिया गोयल को उसके घर लेकर गई थी, जहां कानूनी प्रक्रिया के दौरान उसके बेडरूम से दूसरा मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मोबाइल से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। वहीं, घटना वाले दिन मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी पुलिस ने दर्ज किए हैं, जिन्हें जांच के लिए अहम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इन बयानों से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल रही है।
400 फीट गहरी खाई में धक्का देने का आरोप:
पुलिस के अनुसार, 18 जून को सिया गोयल और चेतन चौधरी (Chetan Chaudhary) ने केतन अग्रवाल को पुणे (Pune) स्थित लोहगढ़ किला (Lohagad Fort) की लगभग 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था। इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और फिलहाल वे 16 जुलाई तक येरवदा जेल (Yerwada Jail) में न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की जांच लगातार जारी है।
पिता ने वायरल वीडियो पर दी सफाई:
सिया गोयल के पिता ने उन दावों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि उनकी बेटी ने मीडिया की ओर आपत्तिजनक इशारा किया था। उनका कहना है कि वायरल वीडियो का गलत अर्थ निकाला गया। उनके मुताबिक, जब पुलिस कानूनी औपचारिकताओं के लिए सिया को घर लेकर आई थी, उसी दौरान कार का दरवाजा बंद होने से उसकी दो उंगलियों में चोट लग गई थी। उनका दावा है कि सिया मीडिया की ओर कोई इशारा नहीं कर रही थी, बल्कि अपनी घायल उंगलियां दिखा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय मौजूद पुलिसकर्मियों से इस बात की पुष्टि की जा सकती है।
केतन के पिता को दी थी सांत्वना:
पुलिस जांच के अनुसार, घटना के अगले दिन यानी 19 जून को सिया गोयल केतन अग्रवाल के घर पहुंची थी। जांच में सामने आया कि उसने केतन के पिता को सांत्वना देते हुए कहा था, “केतन हमें ऊपर से देख रहा है, हिम्मत रखिए।” पुलिस के अनुसार, 18 जून से 23 जून तक दोनों आरोपी सामान्य जीवन जीते रहे। जांच एजेंसी का यह भी कहना है कि गिरफ्तारी के बाद भी दोनों के व्यवहार में पछतावे के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। पुलिस ने यह भी बताया कि दूसरे आरोपी चेतन चौधरी एक ही मोबाइल में दो अलग-अलग नंबर का इस्तेमाल करता था और सिया से कथित तौर पर कोड वर्ड में बातचीत करता था।
19 दिन में कथित साजिश से वारदात तक का घटनाक्रम:
पुलिस के अनुसार, 31 मई को सिया गोयल के मन में केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनी। बताया गया कि 11 फरवरी को सगाई होने के बाद केतन अक्सर सिया को अपने साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग का शौक था और उसने सिया को लोहगढ़ किला (Lohagad Fort) चलने का प्रस्ताव दिया था। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान कथित योजना बनी।
पहली कोशिश में बच गया केतन:
जांच के अनुसार, 5 जून को सिया ने दोबारा किले पर जाने की इच्छा जताई, लेकिन केतन नहीं गया। वहीं, 6 जून को केतन, उसकी बहन, एक दोस्त और सिया का इंडोनेशिया (Indonesia) के बाली (Bali) जाने का कार्यक्रम था। पुलिस का दावा है कि विदेश यात्रा टालने के उद्देश्य से सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा दिया। इसके बाद 14 जून को दोनों फिर लोहगढ़ किला पहुंचे। पुलिस के अनुसार, वहां सिया ने कथित रूप से केतन को धक्का दिया, लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से उसकी जान बच गई। पूछने पर सिया ने कथित तौर पर कहा कि सांप से बचाने के लिए धक्का दिया था। बाद में केतन ने घर पहुंचकर यही बात अपने परिजनों को बताई।
दूसरी बार कथित तौर पर वारदात को दिया अंजाम:
पुलिस के अनुसार, 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर (Mahabaleshwar) में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। इससे पहले सिया ने प्री-वेडिंग फोटोशूट का हवाला देकर उसे दोबारा लोहगढ़ किला चलने के लिए तैयार किया। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस बार चेतन चौधरी भी पीछे-पीछे वहां पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, जब केतन पहाड़ियों की ओर देख रहा था, तभी दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर पीछे से धक्का दे दिया।
राजा रघुवंशी हत्याकांड का भी हुआ उल्लेख:
पुलिस जांच में सामने आया कि सिया गोयल ने इंदौर (Indore) के चर्चित राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) हत्याकांड से संबंधित जानकारी भी इंटरनेट पर खोजी थी। उल्लेखनीय है कि राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuvanshi) की शादी 11 मई 2025 को हुई थी। इसके बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय (Meghalaya) गए थे। 23 मई 2025 को दोनों लापता हो गए और 2 जून 2025 को सोहरा (Sohra) के वेई सावडोंग फॉल्स (Wei Sawdong Falls) के पास गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ था। पुलिस का आरोप है कि सोनम रघुवंशी ने प्रेमी राज कुशवाहा (Raj Kushwaha) और अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। फिलहाल मेघालय हाईकोर्ट (Meghalaya High Court) से सोनम रघुवंशी को जमानत मिल चुकी है, जबकि राजा रघुवंशी के परिवार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चुनौती दी है।
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