लखनऊ के केडी सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित एक खेल प्रतियोगिता उस समय विवादों में घिर गई, जब प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए खिलाड़ियों ने आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए। प्रतियोगिता के दौरान सुविधाओं की कमी, प्राइज मनी और मेडल न मिलने को लेकर खिलाड़ियों ने जमकर हंगामा किया। खिलाड़ियों का कहना है कि प्रतियोगिता के नाम पर उन्हें बुलाया गया, लेकिन बुनियादी इंतजाम तक नहीं किए गए, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदेशभर से आए थे खिलाड़ी:
बताया गया कि इस खेल प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से खिलाड़ी हिस्सा लेने पहुंचे थे। खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि उन्हें बेहतर खेल माहौल, सम्मानजनक सुविधाएं और घोषित पुरस्कार मिलेंगे। लेकिन प्रतियोगिता शुरू होते ही हालात इसके उलट नजर आए। खिलाड़ियों का कहना है कि आयोजन स्थल पर न तो समुचित व्यवस्था थी और न ही उन्हें आयोजकों की ओर से किसी तरह की जानकारी दी गई।
खाने-पीने तक की व्यवस्था नहीं:
खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि पूरे आयोजन के दौरान खाने और पीने तक की व्यवस्था नहीं कराई गई। दूर-दराज से आए खिलाड़ियों को अपने खर्च पर भोजन और पानी की व्यवस्था करनी पड़ी। महिला खिलाड़ियों ने भी कहा कि आयोजन के दौरान उनकी जरूरतों की पूरी तरह अनदेखी की गई, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी।
प्राइज मनी और मेडल को लेकर गंभीर आरोप:
खिलाड़ियों का सबसे बड़ा आरोप प्राइज मनी और मेडल को लेकर है। उनका कहना है कि प्रतियोगिता में जीत दर्ज करने के बावजूद उन्हें न तो मेडल सौंपे गए और न ही घोषित पुरस्कार राशि दी गई। महिला खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि बेटियां खेल में अच्छा प्रदर्शन कर मेडल और प्राइज मनी जीत रही थीं, लेकिन आयोजक मेडल और नकद राशि अपने साथ लेकर चले गए।
मैराथन में घोषित इनाम भी नहीं मिला:
खिलाड़ियों के अनुसार 5 किलोमीटर मैराथन प्रतियोगिता के लिए 11 हजार रुपये की प्राइज मनी घोषित की गई थी। लेकिन परिणाम आने के बाद खिलाड़ियों को 11 हजार रुपये तो दूर, 11 सौ रुपये तक नहीं दिए गए। इससे खिलाड़ियों में भारी नाराजगी फैल गई और उन्होंने इसे सीधे तौर पर धोखाधड़ी बताया।
महिला खिलाड़ियों ने उठाए सवाल:
महिला खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि उन्हें न तो ठहरने की सुविधा दी गई और न ही सुरक्षा या अन्य जरूरी इंतजाम किए गए। उनका कहना है कि खेल के नाम पर बेटियों को बुलाया गया, लेकिन उनके सम्मान और अधिकारों का पूरी तरह से हनन किया गया। महिला खिलाड़ियों ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
अतिथियों पर भी लगाए गए आरोप:
खिलाड़ियों ने आयोजन से जुड़े कुछ अतिथियों पर भी सवाल खड़े किए। आरोप है कि अनिल अग्रवाल सहित अन्य लोगों की मौजूदगी में यह आयोजन हुआ, इसके बावजूद खिलाड़ियों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों को सुना जाता, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
स्टेडियम में हुआ हंगामा:
इन सभी आरोपों के बाद केडी सिंह बाबू स्टेडियम में खिलाड़ियों ने विरोध प्रदर्शन किया। नाराज खिलाड़ियों ने आयोजकों के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को सामने रखा। खिलाड़ियों का कहना है कि वे खेल को अपना भविष्य मानते हैं, लेकिन इस तरह के आयोजनों से उनका मनोबल टूटता है।
निष्पक्ष जांच की मांग:
खिलाड़ियों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसे आयोजन खिलाड़ियों के साथ और भी बड़ा अन्याय कर सकते हैं।
Disclaimer:
यह खबर स्थानीय संवाददाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com।
#Lucknow #Players #Stadium #Protest #Sports #Competition