लैंडस्लाइड के बाद नेपाल में जलप्रलय जैसी तबाही, 175 मौतें और 300 भारतीय लापता; तिब्बत में 550 लोग गायब, 21 भारतीयों का हुआ रेस्क्यू

नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हादसे में अब तक 178 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें नेपाल में 165 और तिब्बत में तीन लोगों की जान गई है। इसके अलावा 1,400 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। खराब मौसम और क्षतिग्रस्त रास्तों के बीच राहत एवं बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटे हैं।

नेपाल में अब तक 826 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल (Shishir Khanal) के मुताबिक, लापता लोगों में 300 से अधिक भारतीय नागरिक शामिल हैं। वहीं, तिब्बत में 550 से ज्यादा लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। चीन की सरकारी वेबसाइट सीसीटीवी (CCTV) ने भी इससे जुड़ी जानकारी दी है।

टिमुरे से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला गया:

राहत और बचाव अभियान के दौरान नेपाली सेना ने रसुवा के टिमुरे से गुरुवार सुबह 116 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें 95 नेपाली नागरिक और 21 भारतीय नागरिक शामिल हैं। खराब मौसम, मलबे और टूटे रास्तों के बावजूद बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

बुधवार को रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ से जान-माल का भारी नुकसान हुआ। बाढ़ के कारण कई इलाकों में संपर्क मार्ग प्रभावित हुए और राहत एवं बचाव अभियान में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं।

भूकंप नहीं, बड़े भूस्खलन से आया झटका:

बुधवार सुबह करीब 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास तेज झटके महसूस किए गए थे। शुरुआती जानकारी में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था। हालांकि, बाद में सामने आया कि पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिरा था।

ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी नदी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, पहाड़ से ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूटने के साथ भारी भूस्खलन हुआ हो सकता है। इसका प्रभाव इतना तेज था कि जमीन में भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ।

बाद में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की ओर से स्पष्ट किया गया कि सुबह महसूस हुआ झटका भूकंप के कारण नहीं था। यह बड़े भूस्खलन से पैदा हुआ था। इस झटके की तीव्रता 5.2 तीव्रता के भूकंप के बराबर आंकी गई। यानी पहले भूकंप आने के बाद भूस्खलन नहीं हुआ, बल्कि बड़े भूस्खलन के कारण भूकंप जैसा कंपन महसूस हुआ।

बिहार की नदियों में बढ़ सकता है पानी:

नेपाल में आई बाढ़ का असर भारत में मुख्य रूप से बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी छोटी-बड़ी नदियों में दिखाई देने की आशंका है। नेपाल से करीब तीन मीटर ऊंची बाढ़ की लहर आने का अलर्ट बताया गया है। इसके मद्देनजर बिहार के कई जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली पर खास नजर रखी जा रही है। इसके अलावा सीतामढ़ी और शिवहर को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है।

बताया गया है कि नेपाल से आने वाला पानी त्रिशूली नदी के रास्ते गंडक नदी तक पहुंच सकता है। इसके बाद बिहार के निचले इलाकों में पानी का स्तर बढ़ने की आशंका है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर में भी बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

भारत ने नेपाल भेजी राहत सामग्री की दूसरी खेप:

नेपाल में बाढ़ से मची तबाही के बीच भारत ने राहत सामग्री की दूसरी खेप नेपाल भेजी है। भारतीय वायुसेना के विमान से भेजी गई इस खेप में 37.5 टन राहत सामग्री के साथ जरूरी दवाइयां और खाद्य पैकेट शामिल हैं।

इससे पहले बुधवार रात भारत ने सी-130जे विमान (C-130J) के जरिए 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाइयों की पहली खेप काठमांडू भेजी थी। दोनों खेप को मिलाकर भारत अब तक नेपाल को 47.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है।

भारत की ओर से कहा गया है कि वह नेपाल सरकार के संपर्क में है। बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और बचाव अभियान में हरसंभव सहायता जारी रखने की बात कही गई है।

प्रधानमंत्री बालेन शाह प्रभावित क्षेत्र के लिए रवाना:

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह (Balen Shah) गुरुवार सुबह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए नुवाकोट के बिदुर रवाना हुए। उनके साथ मंत्री सुनील लामसाल (Sunil Lamsal) भी मौजूद हैं।

दोनों सुबह करीब 9:30 बजे सड़क मार्ग से बिदुर के लिए रवाना हुए। बुधवार को रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है तथा लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

Disclaimer:

यह खबर स्थानीय संवादाता/मीडिया प्लेटफार्म या अन्य द्वारा प्राप्त की गई सूचना पर आधारित है। यदि कोई आपत्ति है या खबर से संबंधित कोई सूचना देने या अपना पक्ष रखने के लिए हमें ईमेल करें: apnabharattimes@gmail.com

#NepalFlood #TibetFlood #BhotekoshiRiver #BiharFlood #ReliefOperation #IndiaNepal #Landslide

Leave a Reply

Discover more from Apna Bharat Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading